वैक्सीन की 10 मिलियन डोज प्रतिदिन नहीं लगी तो जल्द आएगी तीसरी लहर- स्टडी
नई दिल्ली, अगस्त 24। कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर अभी भी खतरा बरकरार है। कई स्टडी और एक्सपर्ट की तरफ से ये दावा अभी भी किया जा रहा है कि अगले 1-2 महीने में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे सकती है। इस बीच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट की एक स्टडी में सामने आया है कि अगर भारत में टीकाकरण अभियान की गति को बढ़ाने और कोरोना के केस कम करने में सरकार विफल रहती है तो एक दिन में कोरोना के 6 लाख तक केस आ सकते हैं।

वैक्सीनेशन पर अधिक जोर देने की जरूरत- NIDM
आपको बता दें कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है। इसकी स्टडी के परिणामों के मुताबिक, कोरोना की तीसरी लहर सितंबर-अक्टूबर में दस्तक दे सकती है और अगर प्रति दिन 10 मिलियन वैक्सीन की डोज नहीं लगाई जाएंगी तो प्रतिदिन कोरोना के केस 6 लाख तक आ सकते हैं। NIDM ने सलाह दी है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिस तरह से लोगों की मौत हुई थी, उसको देखते हुए इस बार और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। आपको बता दें कि दूसरी लहर में करीब ढाई लाख लोगों की जान चली गई थी।
तीसरी लहर में बच्चे होंगे अधिक प्रभावित- स्टडी
स्टडी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय एनर्जी यूनिवर्सिटी और निरमा यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन का हवाला देते हुआ कहा गया है कि अगर सरकार रोजाना 10 मिलियन वैक्सीन की डोज लगाती है तो कोरोना के नए केस 2 लाख तक कम हो सकते है। इसके अलावा इस स्टडी में अस्पतालों के अंदर बेड की संख्या को भी बढ़ाने की सलाह दी गई है। इस स्टडी में ये भी पता चला है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों की सेहत पर अधिक प्रभाव पड़ेगा।
देश में अभी वैक्सीनेश प्रोग्राम के क्या हैं हाल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 7.6 प्रतिशत (10.4 करोड़) लोगों को ही कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी हैं। वहीं 47 करोड़ से अधिक लोगों को अभी तक कम से कम एक डोज दी गई है। साथ ही भारत में वैक्सीनेशन रेट 3.2 प्रतिशत है अगर वैक्सीनेशन और तेजी से नहीं हुआ तो तीसरी लहर में हालात और खराब हो सकते हैं।












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