LAC पर चीनी खतरा मौजूद, पीएलए से मजबूती से निपटेंगे: आर्मी चीफ
नई दिल्ली, 12 जनवरी: भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) में 20 महीनों के लंबे समय से तनाव जारी है। सीमा पर जारी गतिरोध फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। हाल ही में खबर आई थी कि चीन ने लद्दाख के पास अपने 60 हजार सैनिकों की तैनाती की है, जिसको लेकर भारत की भी तैयारियां हाई लेवल पर है। इस बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बुधवार को कहा कि भारतीय सेना चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से मजबूत तरीके से निपटेगी।
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'किसी भी तरह से कम नहीं हुआ खतरा'
पूर्वी लद्दाख सीमा तनाव पर सेना के चीफ जनरल एमएम नरवणे ने बताया कि आंशिक विघटन के बावजूद क्षेत्र में चीनी खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पीएलए से मजबूती से और दृढ़ तरीके से निपटेगी। दरअसल यह बात उन्होंने वार्षिक सेना दिवस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। नरवणे ने कहा कि भारतीय सेना ने उन क्षेत्रों में सेना का स्तर बढ़ाया है, जहां 2020 में सैन्य गतिरोध शुरू हुआ और 2022 तक जारी रहा।
'बातचीत जरिए चीनी सेना के साथ जुड़ना भी जारी'
भारतीय सेना प्रमुख ने कहा कि पिछले साल जनवरी से हमारी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर सकारात्मक विकास हुआ है। नरवणे ने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर हमने बातचीत के जरिए पीएलए के साथ जुड़ने के साथ-साथ परिचालन तैयारियों के उच्चतम स्तर को बनाए रखना जारी रखा है। कई इलाकों में आपसी सहमति से डिसइंगेजमेंट यानी सैनिकों को पूरी तरह से हटाने की प्रक्रिया भी हुई है। हमने पूर्वी लद्दाख समेत पूरे नॉर्दर्न फ्रंट में फोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, हथियारों की क्षमता बढ़ाई है। नॉर्दर्न फ्रंट में पिछले डेढ़ साल में हमारी क्षमता कई तरह से बढ़ी है।
पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 पर होगी चर्चा
वहीं पूर्वी लद्दाख में तनाव और कोर कमांडर मीटिंग के चल रहे 14 वें दौर पर बोलते हुए जनरल नरवने ने कहा कि कोर कमांडर स्तर की 14वीं वार्ता चल रही है और मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम इसमें प्रगति देखेंगे। हालांकि आंशिक रूप से डिसइंगेजमेंट हुई है, लेकिन खतरा कम नहीं हुआ है। हम मौजूदा दौर की बातचीत में पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 (पीपी 15) को हल करने की उम्मीद करते हैं। एक बार ऐसा हो जाने के बाद हम मौजूदा गतिरोध से पहले के अन्य मुद्दों पर गौर करेंगे।
वहीं आगे उन्होंने कहा कि पश्चिमी मोर्चे पर विभिन्न लॉन्च पैड में आतंकवादियों की संख्या में वृद्धि हुई है और बार-बार नियंत्रण रेखा के पार घुसपैठ के प्रयास किए गए हैं। यह एक बार फिर हमारे पश्चिमी पड़ोसी के नापाक मंसूबों को उजागर करता है।
नागालैंड फायरिंग पर आर्मी चीफ का बयान
इसी के साथ नागालैंड फायरिंग की घटना पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा कि उचित कार्रवाई की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद एसओपी में और सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में स्थिति नियंत्रण में है और भारत-म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स बटालियनों को बढ़ाने की योजना के बावजूद कई सेना बटालियनों को हटा दिया गया है।












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