India China Face Off: क्या गलवान की ही तरह इस बार भी झूठ की चादर ओढ़ लेगा चीन

India China Face Off: भारत और चीन के बीच रिश्ते पिछले कुछ सालों से ठीक नहीं हैं। जिस तरह से पहले गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई उसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते और भी तनावपूर्ण हो गए हैं। आज एक बार फिर से दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की खबर सामने आई है। भारतीय सेना की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार 9 दिसंबर को भारत और चीन के सैनिकों के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग में झड़प हुई है। सेना की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार दोनों देशों के सैनिकों को हल्की चोटें आई हैं। भारत के तकरीबन 8 सैनिक घायल हुए हैं जबकि चीन के 30 सैनिक घायल हुए हैं। भारत के घायल सैनिकों का गुवाहाटी के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

चीन की कायरता फिर आई सामने
अहम बात यह है कि जब गलवान की घटना हुई थी तो भी उस वक्त इस घटना के बारे में भारत की ओर से जानकारी दी गई थी। भारत की ओर से यह जानकारी भी दी गई थी कि हमारे कई सैनिक इस झड़प में शहीद हुए हैं, जबकि चीन के भी दर्जनों सैनिक इस झड़प में मारे गए थे, लेकिन चीन ने इस बात से इनकार किया था। चीन ने अपने किसी भी जवान के मारे जाने से इनकार किया था। लेकिन बाद में जो रिपोर्ट सामने आई थी उसमे चीन की कायरता खुलकर सामने आई थी कि कैसे कई पीएलए के जवान मारे जाने के बाद भी चीन ने इस बात से इनकार किया।

चीन के 40 जवान गलवान में मारे गए थे
ऑस्ट्रेलियन अखबार द क्लैशन के संपादक ने चीन के झूठ का पर्दाफाश किया था। उन्होंने कहा था कि भारत के सैनिकों से चीनी जवान काफी घबरा गए थे और वह पीछे भागने लगे थे। इसी दौरान 38 जवानों की गलवान घाटी में डूबने से मौत हो गई थी। लेकिन चीन ने गलवान की हिंसा के तकरीबन 4 महीने बाद यह कहा था कि हमारे सिर्फ 4 जवान इसमे मारे गए थे। लेकिन रूस की खुफिया एजेंसी की ओर से कहा गया था कि चीन के कम से कम 40 जवान गलवान में मारे गए थे। जबकि क्लैशन का दावा था कि जब चीनी जवान पीछे हट रहे थे तो वह काफी घबराए हुए थे।

कई चीनी सैनिक नदी में बह गए थे
द क्लैशन के संपादक एंथनी क्लान ने कहा था कि भारतीय सैनिकों का पता लगाने के लिए चीनी जवान आए थे। वह यह जानना चाहते थे कि क्या बफर जोन से शिविर हट गए हैं, लेकिन इसी दौरान दोनों ही ओर के जवानों के भिड़त हुई थी। संघर्ष के दौरान चीनी जवान नदी में कूदकर भागने लगे थे। हमे इसके सबूत मिले हैं। कई चीनी सैनिक तो नदी में बह गए थे। चीनी सोशल मीडिया से जो अकाउंट हटा दिए गए थे उनसे हमे इसकी जानकारी मिली है। इन लोगों की सोशल मीडिया पोस्ट को चीन की सरकार ने डिलीट करवा दिया था।

क्या फिर से चीन अपने देश को करेगा गुमराह
अहम बात यह है कि गलवान के बाद तवांग में हुई झड़प के बारे में भारत की ओर से सेना ने आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की है। भारतीय सेना ने की ओर से इस पूरी झड़प के बारे में जानकारी दी गई है। लेकिन चीन एक बार फिर से इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। माना जा रहा है कि गलवान की ही तरह चीन इस बार भी इस घटना से इनकार करेगा। अब देखने वाली बात यह है कि क्या चीन अपने घायल या मारे गए जवानों की जानकारी साझा करता है या एक बार फिर से अपने देश के नागरिकों को गुमराह करता है।












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