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IBC 2018 Day 2 LIVE:पिछले 5 सालों के अंदर बैंकिंग के 23000 फ्रॉड हुए: कश्‍मीरी लाल

नई दिल्ली। सेंटर फॉर इकॉनोमिक पॉलिसी एंड रिसर्च (सीईपीआर) की ओर से आयोजित दो दिवसीय इंडिया बैंकिंग कॉन्क्लेव गुरुवार से दिल्ली में शुरू हो गया। आईटीसी मौर्या, कमल महल में आयोजित होने वाले इस कॉन्क्लेव का नॉलेज पार्टनर नीति आयोग है। कॉन्‍क्‍लेव का उद्घाटन केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री किरण रिजिजू ने दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर किया, जो कि कार्यक्रम में चीफ गेस्‍ट के तौर पर आए।

India Banking Conclave 2018 by cepr live updates

इंडिया बैंकिंग कॉन्क्लेव आज से शुरू, पल-पल की अपडेट

LIVE Feed
Aug 24, 2018, 3:04 PM IST

कश्‍मीरी लाल ने कहा कि इतने सारे फ्रॉड के मामले सामने आने के बाद भी लोगों ने बैंकों के शीशे नहीं तोड़े तो इसके पीछे बस एक ही कारण है, मौजूदा नेतृत्‍व। मौजूदा नेतृत्‍व लगातार काम कर रहा है, जिसकी वजह से बैंकों पर लोगों का भरोसा बना हुआ है।
Aug 24, 2018, 2:59 PM IST

स्‍वदेशी जागरण मंच के कश्‍मीरी लाल ने कहा कि पिछले 5 सालों के अंदर बैंकिंग के 23000 फ्रॉड हुए। हिसाब लगाएं तो एक घंटे के अंदर के फ्रॉड हुआ। बैंकिंग में सुधार की बहुत गुंजाइश नहीं, बहुत जरूरत है। देश की जनता ने बैंकों की इमारत को इतना करीब से पहले कभी नहीं देखा, जितना मोदी सरकार की जनधन योजना के चलते देखा।
Aug 24, 2018, 2:26 PM IST

इंडिया बैंकिंग कॉन्‍क्‍लेव का अंतिम सेशन बैंक्‍स फॉर रिपब्लिक इंडिया शुरू।
Aug 24, 2018, 2:13 PM IST

बैंकों में डायरेक्‍टर्स अपॉइंट करने के एक सवाल के जवाब में पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने कई चेक्‍स और काउंटर चेक्‍स के बाद अपॉइंटमेंट किए हैं। उन्‍होंने कहा कि आखिरकार नेता भी जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। आप एक ब्रश से सभी नेताओं को पेंट नहीं कर सकते हैं।
Aug 24, 2018, 2:11 PM IST

पीयूष गोयल ने कोल ब्‍लॉक अलॉटमेंट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले 221 कोल ब्‍लॉक अलॉट किए गए और पूरे देश में स्‍ट्रेस हो गया। सबसे ज्‍यादा बैंकों को परेशानी हुई। हमने ट्रांसपेरेंट तरीके अपनाए, जिससे काफी समस्‍या हल हुई है।
Aug 24, 2018, 2:00 PM IST

पीयूष गोयल ने कहा कि जीएसटी, नोटबंदी, इन्सॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी, ये सारे कदम बैंकिंग सेक्‍टर के सिस्‍टम में ईमानदारी को बढ़ावा देने में काम आ रहे हैं।
Aug 24, 2018, 1:58 PM IST

पीयूष गोयल ने कहा कि यह पहली बार देखने में आ रहा है, जब बड़ा लोन लेने वाले लोग बैंकों को पैसा लौटा रहे हैं। इससे पहले तक तो यह बैंक की समस्‍या हुआ करती थी। अब लोन लेने वाले डर रहा है कि उसे पैसा लौटाना है। पीयूष गोयल ने कहा कि अब तक छोटा लोन लेने वाले आपके और मेरे जैसे लोग लोन देने के बारे में सोचते थे।
Aug 24, 2018, 1:55 PM IST

बैंकों ने लोन की रेवडि़यां किस प्रकार से बांटी, इसका जिक्र करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि एक बैंक से लोन लिया, नहीं दिया। उसके बाद जरूरत पड़ी तो दूसरे से ले लिया। वहां डिफॉल्‍टर हो गए तो तीसरे से ले लिया। ये सिलसिला चलता रहा...इस बीच पीयूष गोयल रुके और बोले- मैं तो बोले जा रहा हूं, बैंकों को एक्‍सपोज कर रहा हूं। साथ ही उन्‍होंने कहा कि बैंकों ने भी अच्‍छे काम भी किए हैं।
Aug 24, 2018, 1:49 PM IST

सरकारी बैंकों का जिक्र करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि यह सच है कि कई बार गलत प्रेक्टिस सिस्‍टम में आ गईं, लेकिन इंडियन बैंक्‍स ने काफी अच्‍छा काम किया है। उनकी चुनौतियां काफी ज्‍यादा रही हैं। बैंकों में पॉलिटिकल प्रेशर काफी रहा है। हालांकि, बैंकों की समस्‍या सिर्फ सरकारी बैंकों तक सीमित नहीं है बल्कि यह प्राइवेट सेक्‍टर बैंकों में भी रही है।
Aug 24, 2018, 1:36 PM IST

केंद्रीय वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि संभवत: पहली बार हम इंडियन बैंकिंग के फ्यूचर को इंडियन परसेप्‍शन के साथ चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। आमतौर पर हम इंटरनेशनल प्रॉस्‍पेक्टिव ले आते हैं।
Aug 24, 2018, 1:24 PM IST

इंडिया बैंकिंग कॉन्‍क्‍लेव में अगला सेशन है- 'मास्‍टर क्‍लास विद पीयूष गोयल'।
Aug 24, 2018, 1:02 PM IST

केकेआर इंडिया के संजय नायर ने उदाहरण दिया कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्‍ट 1934 और 1949 से चला रहा है, इसमें अभी तक संशोधन नहीं हुआ।
Aug 24, 2018, 1:00 PM IST

बैंकिंग फॉर टुमॉरो की बात करते हुए केकेआर इंडिया के संजय नायर ने कहा कि बैंकिंग सेक्‍टर में तेजी से टेक्‍नोलॉजी आ रही है, ऐसे में रेगुलेटर्स को तेजी के साथ बदलाव करने होंगे। यह बड़ी चुनौती है।
Aug 24, 2018, 12:56 PM IST

फेसबुक इंडिया के डायरेक्‍टर शिवनाथ ठुकराल ने कहा कि इस जेनरेशन की नजर में बैंक की परिभाषा बदल गई है। वे ऑनलाइन चैट करते हैं और पेमेंट करते हैं। किसने सोचा था ये होगा, लेकिन ये हो रहा है। वे एक ऐसे बैंक को यूज कर रहे हैं, जिसे उन्‍होंने देखा तक नहीं है। बैंक अकाउंट के जमाने की बात अब कस्‍टमर के दिमाग से जा रही है। यंग जेनरेशन के लिए बैंकिंग कज्‍यूम की जाने वाली अन्‍य वस्‍तुओं की तरह हो गई है।
Aug 24, 2018, 12:52 PM IST

केकेआर इंडिया के संजय नायर ने कहा कि टेक्‍नोलॉजी ने फाइनेंस को बदल दिया है। टेक्‍नोलॉजी आपके बिहेवियर को समझ रही है। मसलन आप क्रोमा स्‍टोर में हैं और आपके बैंक से एसएमएस आता है कि आपकी सैलरी इतनी तारीख को आ रही है और अगर आप टेलिविजन खरीदना चाहते हैं तो आपको लोन मिल सकता है। टेक्‍नोलॉजी ने काफी कुछ बदल दिया है।
Aug 24, 2018, 12:46 PM IST

पार्थ गांधी ने कहा कि डिजिटल ने बैंकिंग के मूलभूत ढांचे को बदल दिया है। हमें अपनी आंखें खोलकर रखनी होंगी, क्‍योंकि दुनिया तेजी से बदल रही है।
Aug 24, 2018, 12:42 PM IST

इंडिया बैंकिंग कॉन्‍क्‍लेव के दूसरे दिन का तीसरा सेशन- 'बैंक्‍स फॉर टुमॉरो' शुरू। इस सेशन में स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया के एमडी अरिजित बासु, फेसबुक इंडिया के डायरेक्‍टर शिवनाथ ठुकराल, एईऑन कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर पार्थ गांधी हिस्‍सा ले रहे हैं।
Aug 24, 2018, 11:43 AM IST

रथिन रॉय ने कहा कि स्‍मॉल हेयर कट का मतलब प्राइवेटाइजेशन कर दो, मीडियम में मर्जर कर दो, वे तीसरे हेयर कट के बारे में बताते इससे पहले ही उनके बगल में बैठे बैंक ऑफ इंडिया के चेयरपर्सन जी पद्मनाभन बीच में बोल पड़े। सरकार हैडशेक करना चाहती है। रथिन रॉय ने आगे कहा कि बैंकों से सरकार का दखल कम होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि यहां कोई हिंदी मूवी नहीं चल रही है कि सामाजिक कार्य भी कर लो और मुनाफा भी कमा लो।
Aug 24, 2018, 11:41 AM IST

रथिन रॉय ने प्राइवेटाइजेशन और मर्जर को खारिज करते हुए कहा कि सरकार के कार्यों को पूरा करने का टास्‍क पब्लिक सेक्‍टर बैंकों के पास है। ऐसे में एक तरीका तो यह है कि सरकार इन पब्लिक सेक्‍टर बैंकों के नुकसान की भरपाई करती रहे, टैक्‍सपेयर्स के पैसे से। दूसरा तरीका ये है कि प्राइवेटाइजेशन कर दो या मर्जर कर दो। इन दोनों कार्यों में सरकार को कुछ देना नहीं पड़ेगा। रथिन रॉय ने पब्लिक सेक्‍टर बैंकों के प्राइवेटाइजेशन और मर्जर पर कहा कि यहां तीन प्रकार के हेयर कट की कोशिश हो रही है। स्‍मॉल हेयर कट, मीडियम हेयर कट और बिग हेयरकट।
Aug 24, 2018, 11:37 AM IST

रथिन रॉय ने कहा कि पब्लिक सेक्‍टर बैंकों को अगर प्राइवेट किया गया तो जो भी अच्‍छे काम पब्लिक सेक्‍टर बैंक कर रहे हैं, वे बंद हो जाएंगे। मिडिल क्‍लास को जो लाभ पब्लिक सेक्‍टर बैंकों से मिल रहे हैं, वे भी नहीं मिलेंगे।
Aug 24, 2018, 11:23 AM IST

जी पद्मनाभन ने कहा कि हमें सबसे पहले तय करना चाहिए कि पब्लिक सेक्‍टर बैंकों की समस्‍या आखिर है क्‍या? उनकी समस्‍या ओनरशिप की है या गवर्नमेंट से जुड़ी कोई प्रॉब्‍लम है। जहां तक प्राइवेटाइजेशन और मर्जर का सवाल है तो यह समय उसके लिए बिल्‍कुल ठीक नहीं है।
Aug 24, 2018, 11:18 AM IST

एचडीएफसी बैंक की चेयरमैन श्‍यामला गोपीनाथ ने प्राइवेटाइजेशन एंड मर्जर पर विचार रखते हुए कहा कि सबसे पहले हमारे सामने ये सवाल है कि क्‍या पब्लिक सेक्‍टर बैंक होने चाहिए, जवाब है- हां पब्लिक सेक्‍टर बैंक होने चाहिए, लेकिन अब सवाल यह कि कितने पब्लिक सेक्‍टर होने चाहिए। इस बारे में हमें सोचना चाहिए। श्‍यामला गोपीनाथ ने कहा कि प्राइवेटाइजेशन या मर्जर से पहले अन्‍य विकल्‍पों पर भी सरकार को विचार करना चाहिए, क्‍योंकि सरकार इन बैंकों में शेयर होल्‍डर है। उसे भी इस पूरी कवायद से लाभ होना चाहिए।
Aug 24, 2018, 11:04 AM IST

इंडिया बैंकिंग कॉन्‍क्‍लेव के अगले सेशन में प्राइवेटाइजेशन बनाम मर्जर पर डिबेट होगी। इस सेशन में श्‍यामला गोपीनाथ, चेयरमैन एचडीएफसी बैंक, राथिन रॉय, डायरेक्‍टर एनआईपीएफपी, जी पद्मनाभन, चेयरपर्सन बैंक ऑफ इंडिया हिस्‍सा ले रहे हैं।
Aug 24, 2018, 10:55 AM IST

माइक्रो फाइनेंस बॉरोअर्स की संख्‍या के बारे में बताते हुए एनके मैनी ने कहा कि इनकी संख्‍या करीब साढ़े तीन करोड़ है। यह आंकड़ा काफी अहम है, हमें मुद्रा के तहत इसी सेगमेंट पर जोर देना चाहिए।
Aug 24, 2018, 10:49 AM IST

सिडबी के पूर्व सीएमडी एनके मैनी ने कहा कि 'फंडिंग द अनफंडेड' ये बात कई सरकारों के दिमाग में रही है। नाबार्ड की स्‍थापना, गरीब महिलाओं को आर्थिक मदद के बाद 90 के दशक में स्‍वयं सेवी संगठनों को बढ़ावा दिया गया, को-ऑपरेटिव बैंक लाए गए। यह सब उसी वर्ग को फंड करने के लिए किया गया। 2000 में आरबीआई ने माइक्रो फाइनांस को डिफाइन किया। मकसद वही गरीबों की मदद करना।
Aug 24, 2018, 10:40 AM IST

आने वाले 10 सालों में एमएसएमई बड़े अहम होंगे। आने वाले समय में एमएसएमई को कर्ज देने वाले बैंक कहीं ज्‍यादा तेजी से आगे बढ़ सकते हैं: एमवी नायर, ट्रांस यूनियन सिबिल के चेयरमैन
Aug 24, 2018, 10:38 AM IST

स्‍मॉल इज गुड की बात करते हुए एमवी नायर ने कहा कि छोटे कारोबारियों का ट्रैक रिकॉर्ड एनपीए के मामले में बहुत अच्‍छा है। जनधन की तारीफ करते हुए उन्‍होंने कहा कि वर्ल्‍ड बैंक ने भी माना है कि 80 प्रतिशत आबादी फाइनेंशियल सिस्‍टम से जुड़ी है। यह बहुत बड़ी बात है। हमारे देश में 51 मिलियन रजिस्‍टर्ड एमएसएमई हैं, इनमें से केवल 5 मिलियन को फंड दिया जा रहा है, जो कि बहुत कम है।
Aug 24, 2018, 10:32 AM IST

पूरी दुनिया में लीज पर सबकुछ मिलता है, लेकिन इंडिया में यह काम नहीं करती। जीएसटी के बाद चीजें बदली हैं। ऐसे में एमएसएमई के लिए लीजिंग बहुत अच्‍छा कॉन्‍सेप्‍ट है, जिससे 'स्‍मॉल' की मदद हो सकती है: रमन अग्रवाल, चेयरमैन, फाइनेंस इंडस्‍ट्री डिवेलपमेंट काउंसिल
Aug 24, 2018, 10:29 AM IST

वित्‍तीय समानता के अहम आधार हैं- एक्‍सेसेबिलिटी और फ्लेक्‍सिबिलिटी। सबसे पहले तो व्‍यक्ति बैंक तक पहुंच सके और बैंक का रवैया ऐसा हो कि वह छोटे लोगों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए। छोटा कारोबार शुरू करने की तैयारी करने वालों के पास क्रेडिट हिस्‍ट्री नहीं होती है, इसे नहीं आंका जाना चाहिए। ऐसे में क्रेडिट स्‍कोर मापने के तरीके बदलने होंगे: रमन अग्रवाल, चेयरमैन, फाइनेंस इंडस्‍ट्री डिवेलपमेंट काउंसिल
Aug 24, 2018, 10:20 AM IST

मुद्रा योजना के तहत जो पैसा दिया जा रहा है, उसे आरबीआई रेगुलेट करता है, लेकिन मुद्रा का मूल प्रारूप ऐसा नहीं था: अश्विनी महाजन, स्‍वदेशी जागरण मंच
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