भारत की तीनों सेनाओं के चीफ के ये 2 अजीब संयोग, आप भी जानिए
नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे अगले सेना प्रमुख होंगे। अगले दो हफ्तों के अंदर वह अपना पदभार संभाल लेंगे। इसके साथ ही देश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों में एक नहीं बल्कि दो बातें समान हैं। तीनों प्रमुख पुणे के खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के एक ही कोर्स से आते हैं। इसके अलावा तीनों के पिता इंडियन एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मंगलवार को सेना के सूत्रों की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।
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विंग कमांडर और वारंट ऑफिसर के बेटे
देश के अगले आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नरवाणे विंग कमांडर एमएस नरवाणे के बेटे हैं तो नेवी चीफ एडमिरल करमबीर सिंह के पिता भी विंग कमांडर थे। उनके पिता का नाम गुरमजीत सिंह था। जबकि एयरफोर्स चीफ चीफ एयरमार्शल आरकेएस भदौरिया के पिता सूरज पाल सिंह भदौरिया एयरफोर्स में मास्टर वॉरंट ऑफिसर थे। 31 दिसंबर को जब मौजूदा आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत अपना पद छोड़ेंगे तो नरवाणे उनकी जगह लेंगे। फिलहाल लेफ्टिनेंट जनरल नरवाणे उप-सेना प्रमुख के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

तीनों के बीच एक खास केमेस्ट्री
लेफ्टिनेंट जनरल नरवाणे, एडमिरल सिंह और चीफ एयरमार्शल भदौरिया तीनों ही एनडीए के कोर्समेट्स रहे हैं। तीनों एनडीए के 56वें कोर्स के पासआउट हैं। भदौरिया ने इस वर्ष 30 सितंबर को धनोआ की जगह ली थी तो वहीं एडमिरल सिंह ने 31 मई को पूर्व नेवी चीफ सुनील लांबा की जगह जिम्मा संभाला था। साल 2007 से 2009 तक एयरफोर्स चीफ रहे फली होमी मेजर कहते हैं कि यह अपने आप में एक खास बात है। तीनों प्रमुख न सिर्फ एयरफोर्स फैमिली से आते हैं बलिक तीनों ने एक ही साथ एकेडमी में पढ़ाई की है। ऐसे में उनके बीच एक असाधारण रिलेशनशिप देखने को मिलेगी।

40 सालों का याराना
उन्होंने कहा कि जब आप किसी को पिछले 40 सालों से जानते हो और आपकी उम्र 16 साल रही हो जब आपकी दोस्ती हुई थी तो यह अपने आप में एक खास बात होती है। एक और पूर्व वायुसेना प्रमुख अरुप राहा ने कहा कि कई ऐसे प्रमुख सेनाओं को मिले हैं जिनके पास मिलिट्री बैकग्राउंड था। मगर यह शायद पहली बार है कि जब एक ही कोर्स से पासआउट ऑफिसर्स सेनाओं को एक ही साथ लीड कर रहे हैं।

चीन मामलों के विशेषज्ञ नरवाणे
59 वर्षीय नरवाणे को चीन के मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। इसके अलावा उनके पास जम्मू कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट में काउंटर इनसर्जेंसी ऑपरेशंस को लीड करने का भी अच्छा-खासा अनुभव है।जून 1980 को लेफ्टिनेंट जनरल नरवाणे बतौर ऑफिसर सिख लाइट इनफेंट्री में कमीशंड हुए थे। वीना नरवाणे से उनकी शादी हुई और वह दो बेटियों के पिता हैं।












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