आयकर विभाग के दिल्ली-NCR समेत 5 राज्यों में ताबड़तोड़ छापे, अलमारियों से मिली करोड़ों की नकदी
नई दिल्ली। CBDT ने फर्जी तरीके से की गई बिलिंग के जरिए संपत्ति इकट्ठा करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है, मंगलवार को आयकर विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और गोवा में एंट्री ऑपरेटर संजय जैन और उनके लाभार्थियों के 42 परिसरों पर छापेमारी की है। जिसमें अब तक 2.37 करोड़ रुपए नकद और 2.89 करोड़ रुपए के आभूषण बरामद किए गए हैं और सर्च अब भी जारी है।
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इस बारे में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने बयान दिया है कि फर्जी बिलिंग के जरिए बड़ी संख्या में नकदी के प्रवेश संचालन करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, हमने छापेमारी की है, जिसमें करोड़ों की नकदी और आभूषण बरामद हुए हैं। इसके आलावा हमें 17 बैंक लॉकरों की भी जानकारी मिली है, जिसके बारे में हम जांच कर रहे हैं।
कुछ खास बातें
- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग का एक हिस्सा है।
- भारत में प्रत्यक्ष कर से संबंधित सभी मामले 1 जनवरी 1964 से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को सौंप दिए गए थे।
- CBDT भारत में प्रत्यक्ष कर की नीतियों और योजनाओं के लिए आवश्यक निविष्टियां प्रदान करता है।
- आयकर विभाग के माध्यम से प्रत्यक्ष कर कानूनों के प्रशासन के लिए जिम्मेदार है।
- भारत सरकार के विशेष पदेन सचिव ही सीबीडीटी का प्रमुख होता है।
- इसके अलावा, CBDT के छह सदस्य होते हैं।
- सीबीडीटी के अध्यक्ष और सदस्यों का चयन भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस), भारत की प्रमुख सिविल सर्विस, से की जाती है।
- ये सदस्य आयकर विभाग के शीर्ष प्रबंधन का गठन करते हैं।













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