7 हजार रुपये कमाने वाले से आयकर विभाग ने मांगा 134 करोड़ रुपये की लेनदेन का हिसाब, मेहुल चोकसी-नीरव मोदी से जुड़े तार?

नई दिल्ली- मध्य प्रदेश के एक शख्स को आयकर विभाग ने नोटिस भेजकर उसके बैंक खाते से मुंबई में हुए 134 करोड़ रुपये की लेनदेन का हिसाब मांगा है। मामला 8-9 साल पुराना है और आयकर विभाग ने उस शख्स को चेतावनी दी है कि अगर उसने नोटिस की तामील नहीं की तो वह कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू कर देगा। जिस शख्स को यह नोटिस मिला है, उसे पता ही नहीं है कि उसके पैन नंबर से किसी कंपनी का खाता लिंक है, जिसमें इतनी बड़ी रकम की लेनदेन हुई है। सबसे बड़ी बात ये है कि जब का यह मामला हैं उसकी सैलरी आयकर के दायर में भी नहीं आती थी। अब वह आदमी पुलिस और आयकर विभाग से लेकर पीएमओ तक के चक्कर काट रहा है।

सैलरी 7 हजार, हिसाब मांगा 134 करोड़ का

सैलरी 7 हजार, हिसाब मांगा 134 करोड़ का

मध्य प्रदेश के भिंड जिले के एक शख्स से आयकर विभाग ने नोटिस देकर उसके बिजनेस अकाउंट से हुए 134 करोड़ रुपये की लेनदेन का हिसाब मांगा है। मामला 2011-12 का है और मुंबई से जुड़ा है, जिसमें 29 वर्षीय रवि गुप्ता के पैन नंबर का इस्तेमाल हुआ है। आयकर विभाग की नोटिस से हैरान-परेशान गुप्ता का कहना है कि जिस वक्त का ये मामला है, उनका वेतन ही महज 7,000 रुपये था तो उनके अकाउंट में इतनी बड़ी रकम का लेनदेन कैसे हो गया? उन्हें न तो अपने किसी बिजनेस अकाउंट के बारे में कोई जानकारी है। उन्हें लगता है कि यह मामला जरूर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। गुप्ता ने अंग्रेजी अखबार टीओआई को बताया कि, 'जब यह लेनदेन हुआ तब मैं मुश्किल से 21 साल का था। 2011 या 2012 में मुंबई या गुजरात में नहीं था। मैं इंदौर में एक प्राइवेट फर्म में काम करता था और मुझे 7,000 रुपये महीने वेतन मिलता था, जो कि टैक्स के दायरे मे भी नहीं आता था।'

फर्जीवाड़े से मेहुल चोकसी-नीरव मोदी के जुड़े तार?

फर्जीवाड़े से मेहुल चोकसी-नीरव मोदी के जुड़े तार?

आयकर विभाग के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक रवि गुप्ता शिकायत दर्ज करके जांच की मांग कर सकते हैं। आयकर विभाग से उन्हें जो नोटिस मिला है, उसके मुताबिक मुंबई के एक निजी बैंक में एक कंपनी के बैंक अकाउंट में 9 सितंबर, 2011 से 13 फरवरी, 2012 के बीच 134 करोड़ रुपये की लेनदेन की गई थी। उस कंपनी के खाते से जो पैन नंबर लिंक है वह गुप्ता का है। गुप्ता के मुताबिक 134 करोड़ रुपये के आयकर नोटिस से भी ज्यादा बड़ा झटका उन्हें तब लगा जब उन्होंने अपने स्तर पर उस कंपनी के बारे में छानबीन शुरू की। क्योंकि, उनका दावा है कि यह लेनदेन गुजरात की एक डायमंड ट्रेडिंग कंपनी ने किया है, जो कि 12,700 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के सह-आरोपी मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के दफ्तर के पास ही मौजूद है।

संपत्ति जब्त करने की चेतावनी

संपत्ति जब्त करने की चेतावनी

गुप्ता को आयकर विभाग से पहला नोटिस 30 मार्च, 2019 को ही मिला था, जिसमें लिखा था कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में उनकी आय कर योग्य थी। उन्होंने कहा, 'मैंने उसे अनदेखा कर दिया क्योंकि उस साल मेरी सैलरी कर योग्य नहीं थी। तब मुझे जुलाई में एक और नोटिस मिला। मैंने खुद से छानबीन करने के लिए छुट्टियां लेनी शुरू कर दी। मैंने इस मामले का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया।' लेकिन, उनकी चिंता तब बढ़ गई जब आयकर विभाग ने संपत्ति जब्त करने की चेतावनी दे दी। गुप्ता ने कहा, 'अब आयकर विभाग ने मेरी संपत्ति जब्त करने की धमकी दी है।'

पुलिस से लेकर तक पीएमओ तक गुहार

पुलिस से लेकर तक पीएमओ तक गुहार

गुप्ता को आयकर विभाग ने पिछले साल दिसंबर में बुलाकर अकाउंट से जुड़ी पूरी जानकारी, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, पैन कार्ड, अकाउंट वेरिफिकेशन फॉर्म की कॉपी, टीआईएन रजिस्ट्रेशन और गुजरात की कंपनी का रजिस्ट्रेशन देने को कहा था। गुप्ता ने बताया, 'मैंने उनसे कहा कि मेरा कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। अकाउंट में सिर्फ मेरे पैन कार्ड का इस्तेमाल हुआ है और वह भी जाली हस्ताक्षर वाला। उन्हें इस बात की जांच करनी चाहिए कि उस खाते से लेनदेने कैसे किए गए, जिसमे स्थानीय पता भी नहीं था।' गुप्ता अब आयकर विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए इधर-उधर गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा है, 'मैंने मध्य प्रदेश के साइबर सेल, महाराष्ट्र पुलिस, पीएमओ और आयकर विभाग के अधिकारियों को इस टैक्स वसूली केस से मुझे छुटकारा दिलाने के लिए लिखा है।'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+