Ram janmabhoomi Pujan: पुरोहित ने पीएम मोदी से संकल्प की दक्षिणा में मांगा कुछ खास, जानिए क्या
Ram janmabhoomi Pujan: पुरोहित ने पीएम मोदी से संकल्प की दक्षिणा में मांगा कुछ खास, जानिए क्या
नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूमि पूजन कर मंदिर की आधारशिला रख दी। ऐतिहासिक मौके पर 175 साधु-संतों की मौजूदगी में पवित्र मंत्रोच्चार के बीच भगवान राम के मंदिर के लिए भूमिपूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यजमान बने। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद थे। भव्य कार्यक्रम के बीच रामलला के मंदिर की आधारशिला रखी गई। भूमि पूजन के दौरान पुरोहितों ने यजमान पीएम मोदी से संकल्प की दक्षिणा में कुछ खास मांगा।

पुरोहितों ने संकल्प की दक्षिणा में पीएम मोदी से मांगी ये खास चीज
पीएम नरेंद्र मोदी के आधारशिला रखने के लिए भूमि पूजन किया। भूमि पूजन के दौरान 9 शिलाओं की आधार रखी गई। पूजन खत्म होने के बाद पुरोहित ने यजमान बने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से दक्षिणा में खास चीज मांगी। ऊीमि पूजन करवा रहे पुरोहित ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि किसी भी यज्ञ-अनुष्ठान में दक्षिणा का खास महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि लेकिन आज तो दक्षिणा इतनी दे दी गई कि अरबों आशीर्वाद प्राप्त हो रहे हैं। पुरोहित ने कहा कि भारत तो हमारा ही है, उससे ऊपर और कुछ दें। उन्होंने कहा कि कुछ समस्याएं हैं, उन समस्याओं को दूर करने का संकल्प तो लिए हुए हैं, आज 5 अगस्त में कुछ और जुड़ जाए तो भगवान की कृपा होगी।

नौ शिलाओं के साथ रखी गई आधारशिला
राम जन्म भूमि पूजन के दौरान पूरे कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा गया। सीमित संख्या में आमंत्रण दिए गए थे। वहीं कोरोना संकट के कारण पूजा के दौरान अतिथियों, पूजा करवा रहे पंडितों और यजमान के बीच दूरी रखी गई थी। राम लला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन उस जगह पर किया जा गया, जहां रामलला विराजमान थे। भूमि पूजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ शिलाओं को रखकर मंदिर की आधारशिला रखी।

साढ़े 3 साल में बनकर तैयार होगा भव्य मंदिर
आपको बता दें कि 5 अगस्त को राम जन्मभूमि में भगवान श्रीराम के मंदिर की आधारशिला रखी गई है। अगले साढ़े तीन सालों में भव्य मंदिर बनकर तैयार होगा। पहले डेढ़ साल में मंदिर के भूमि तल का निर्माण होगा। अगले दो सालों में ऊपरी दोनों तलों पर निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।












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