2024 में अल्पसंख्यक-बहुल 66 सीटों पर मुसलमानों को टिकट दे सकती है बीजेपी, सिर्फ पूरी करनी होगी ये शर्त
भारतीय जनता पार्टी ने देश में 66 लोकसभा सीटों को अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्र के रूप में पहचान की है और पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के मुताबिक 2024 में वहां से मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया जा सकता है।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन अल्पसंख्यक-बहुल सीटों में से करल की वायनाड लोकसभा सीट भी शामिल है, जहां से कांग्रेस नेता राहुल गांधी अयोग्य ठहराए जाने से पहले तक सांसद थे। गौरतलब है कि मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर इस समय पार्टी जहां जनसंपर्क अभियान चला रही है, उसमें वायनाड भी शामिल है।

वायनाड में जनसंपर्क कर आए हैं मुख्तार अब्बास नकवी
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी इस समय पार्टी के जनसंपर्क अभियान के सिलसिले में केरल में ही कैंप किए हुए हैं और वह वायनाड में भी इससे जुड़े कार्यक्रम में शामिल होकर आए हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी नकवी केरल के कासरगोड में जमे रहे। यहां उन्होंने बूथ प्रबंधकों के साथ 'टिफिन मीटिंग' में हिस्सा लिया।
66 लोकसभा सीटों के लिए बनी है टीम
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा कि इन सभी 66 लोकसभा क्षेत्रों में टीमें बनाई गई हैं। यहां पार्टी की ओर से सूफी सम्मेलन, महिला सम्मेलन और लाभार्थियों से जुड़े कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
मुस्लिम प्रोफेशनलों पर पार्टी की नजर
सिद्दीकी के मुताबिक उनका मोर्चा अल्पसंख्यकों के बीच अपना जनाधार बढ़ाने के लिए डॉक्टरों और इंजीनियरों जैसे प्रोफेसनलों से संपर्क बढ़ाने के लिए कार्य कर रहा है। ये वैसे लोग हैं, जो सीधे भाजपा में शामिल तो नहीं होना चाहते, लेकिन मोदी सरकार के कार्यों से खुश हैं। उन्हें पार्टी की ओर से 'मोदी मित्र' सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
मुसलमानों को भाजपा से टिकट लेने की शर्त
लोकसभा चुनावों में भाजपा की ओर से मुसलमानों को टिकट दिए जाने को लेकर पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि, 'यदि मुस्लिम कार्यकर्ता लोगों के बीच रहता है, उनके लिए काम करता है और आधार तैयार करता है, उन्हें टिकट मिलेगा। और मुझे यकीन है कि जिस तरह से (यूपी में) 300 मुस्लिम पार्षदों ने बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की है, कई को टिकट मिलेगा और लोकसभा चुनाव भी जीतेंगे।'
यूपी-बंगाल में सबसे अधिक हैं मुस्लिम-बहुल सीट
बीजेपी जिन 66 अल्पसंख्यक-बहुल सीटों की बात कर रही है, उसमें सबसे ज्यादा 13-13 सीटें उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में हैं। इसी तरह केरल और असम में 6-6, जम्मू और कश्मीर में 5, बिहार में 4, मध्य प्रदेश में 3, तेलंगाना, हरियाणा, दिल्ली और गोवा में दो-दो और महाराष्ट्र और लक्षद्वीप में एक-एक सीटें हैं।
जम्मू-कश्मीर से मुस्लिम नेता को राज्यसभा में मिली जगह
मुख्तार अब्बास नकवी के राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद काफी दिनों तक भाजपा का निम्न सदन या ऊपरी सदन दोनों में एक भी मुस्लिम सांसद नहीं बचा था। बाद में पार्टी ने जम्मू-कश्मीर से एक मुस्लिम नेता को राज्यसभा में जगह दिलाई।
पिछले लोकसभा चुनाव में सिर्फ 5% मुस्लिम सांसद जीते
देश में मुसलमानों की कुल आबादी 14% बताई जाती है। 2019 के चुनाव में 25 मुस्लिम सांसद ही चुनकर लोकसभा पहुंचे जो कि कुल सांसदों का महज 5% थे। इस चुनाव में बीजेपी 303 सीटों पर जीती थी, लेकिन पार्टी से एक भी मुस्लिम सांसद नहीं चुना गया था।
भाजपा ने 6 मुसलमानों को दिया था टिकट
हालांकि पिछले चुनाव में बीजेपी ने देश में कुल 6 मुसलमान उम्मीदवारों को टिकट दिए थे। दो पश्चिम बंगाल में जहां मुस्लिम आबादी 27% बताई जाती है। लक्षद्वीप से भी बीजेपी का उम्मीदवार मुस्लिम था, जहां 95% जनसंख्या मुस्लिम है और तीन मुसलमानों को कश्मीर घाटी से उतारा था। इनमें से कोई भी जीतकर संसद नहीं पहुंचा।












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