मोदी सरकार लेकर आई नया बिल, अब अवैध घुसपैठियों की खैर नहीं? 7 साल की कैद-10 लाख जुर्माना
Immigration and Foreigners Bill 2025: आज लोकसभा में इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल, 2025 पेश किया गया। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य भारत के आव्रजन कानूनों को आधुनिक बनाना और उन्हें मजबूत बनाना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के की तरफ से गृह राज्यमंत्री ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि किसी को देश में आने से रोकने के लिए यह कानून नहीं है। इस कानून का मकसद जो भी विदेशी भारत आए वो इस कानून का पालन करे।
इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल, 2025 आज लोकसभा में पेश किया गया, जिसका उद्देश्य भारत के आव्रजन कानूनों को आधुनिक बनाना और उन्हें मजबूत करना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तरफ से गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया, जिसका मकसद भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है। मोदी सरकार अवैध घुसपैठ और अप्रवास पर शिकंजा कसने की तैयारी कर चुकी है। इसी के तहत लोकसभा में अप्रवास और विदेशी विधेयक 2025 पेश किया गया।

चार पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा
हालांकि, विधेयक के पेश किए जाने पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और टीएमसी सांसद सौगात राय ने बिल का विरोध किया। इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 के कानून रूप लेने के बाद भारत के आव्रजन और विदेशी नागरिकों से जुड़े चार पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा। इन चार कानूनों में अभी फॉरेनर्स एक्ट 1946, पासपोर्ट एक्ट 1920, रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट 1939 और इमिग्रेशन एक्ट 2000 शामिल हैं।
भारत के बाहर किसी भी स्थान से आने वाला कोई भी व्यक्ति भारत में हवाई, जल-थल मार्ग से प्रवेश नहीं करेगा जब तक कि उसके पास वैध पासपोर्ट, अन्य यात्रा दस्तावेज या वैध वीजा न हो। इससे केंद्र सरकार को विशेष शक्तियां प्राप्त होगी। यह बिल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता देते हुए विदेशी नागरिकों के प्रवेश और निवास को कड़े नियमों में बांधता है।
किसी भी देश के लिए सुरक्षा की दृष्टी से यह कानून जारुरी है। इस कानून में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई विदेशी नागरिक बिना वैध पासपोर्ट या वीजा के भारतीय सीमा में दाखिल होता है तो उसे 7 साल की कैद और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना देना पड़ेगा।
बता दे कि पहले भी किसी नागरीक को भारत में प्रवेश से रोकने का अधिकार था, लेकिन किसी कानून में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था। इस प्रस्तावित कानून के तहत, आव्रजन अधिकारी के निर्णय को अंतिम और बाध्यकारी माना जाएगा। अगर किसी व्यक्ति की मौजूदगी देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनती है या फिर वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से नागरिकता प्राप्त करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता देता है
यह बिल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता देते हुए विदेशी नागरिकों के प्रवेश और निवास को कड़े नियमों के दायरे में लाने का प्रस्ताव करता है। इसमें प्रावधान किया गया है कि अगर किसी व्यक्ति की मौजूदगी देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनती है या फिर वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से नागरिकता प्राप्त करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, अगर किसी विदेशी नागरिक के प्रवेश से भारत के किसी अन्य देश के साथ संबंध प्रभावित हो सकते हैं, तो उसे देश में आने से रोका जा सकता है। इस कानून से बांग्लादेश से अवैध अप्रवासी को भी रोकने में मदद मिलेगी।












Click it and Unblock the Notifications