IMD Foundation Day: IMD ने पूरा किया 150 साल का सफर, PM मोदी ने लॉन्च किया 'मिशन मौसम'

IMD 150th Foundation Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर 'मिशन मौसम' की शुरुआत की। इस मिशन का उद्देश्य भारत को जलवायु-स्मार्ट राष्ट्र बनाना और जलवायु के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देश के सतत भविष्य और जलवायु के प्रति तत्परता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "किसी भी देश के वैज्ञानिक संस्थानों की प्रगति उस देश की विज्ञान के प्रति जागरूकता को दर्शाती है। भारत के वैज्ञानिक संस्थानों में अनुसंधान और नवाचार नए भारत के स्वभाव का हिस्सा बन गए हैं। पिछले 10 वर्षों में IMD की तकनीक और आधारभूत संरचना में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है।"

IMD PM Modi

प्रधानमंत्री ने IMD के 150 वर्षों की यात्रा को भारत की आधुनिक विज्ञान और तकनीकी प्रगति की "गौरवशाली यात्रा" बताया। उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान तकनीक में प्रगति के कारण भारत की आपदा प्रबंधन क्षमताओं में काफी सुधार हुआ है, जो न केवल भारत बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी लाभदायक साबित हुई है।
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डाक टिकट और एक विशेष सिक्का जारी

भारतीय मौसम विभाग के 150वें स्थापना दिवस (IMD 150th Foundation Day) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इन 150 वर्षों में IMD ने न केवल करोड़ों भारतीयों की सेवा की है, बल्कि यह भारत की वैज्ञानिक यात्रा का प्रतीक भी बन गया है। आज इन उपलब्धियों पर एक डाक टिकट और एक विशेष सिक्का भी जारी किया गया है...IMD ने युवाओं को 150 वर्षों की यात्रा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलंपियाड का भी आयोजन किया और इसमें हजारों छात्रों ने भाग लिया। इससे मौसम विज्ञान में उनकी रुचि और बढ़ेगी..."

'मिशन मौसम' क्या है? (What is IMD Mission Masuam?)

प्रधानमंत्री मोदी का 'मिशन मौसम' एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य उन्नत मौसम निगरानी तकनीकों और प्रणालियों का विकास करना है। इसके तहत उच्च-रिजॉल्यूशन वायुमंडलीय अवलोकन, नई पीढ़ी के रडार और सैटेलाइट, और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटर शामिल हैं, जो भारत की जलवायु तत्परता को मजबूत करेंगे।

इस पहल का फोकस मौसम और जलवायु प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित करना, वायु गुणवत्ता के आंकड़े प्रदान करना और लंबे समय में मौसम प्रबंधन के लिए रणनीति बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा, "प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए हमें मौसम विज्ञान की दक्षता को अधिकतम करना होगा।"

भूकंप के लिए चेतावनी प्रणाली विकसित करने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों से भूकंप के लिए चेतावनी प्रणाली विकसित करने की अपील की और कहा कि विज्ञान में प्रगति और इसकी क्षमता का उपयोग करना किसी भी देश की वैश्विक प्रतिष्ठा की नींव है।

"विजन-2047" जारी

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने IMD की "विजन-2047" दस्तावेज भी जारी किया, जिसमें जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और मौसम लचीलापन को बढ़ावा देने की योजना शामिल है। साथ ही उन्होंने एक विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया।

कार्यक्रम में विश्व मौसम विज्ञान विभाग की महासचिव सेलेस्ट साओलो, पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह, पृथ्वी विज्ञान सचिव एम. रविचंद्रन, IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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