IFFI जूरी प्रमुख ने 'द कश्मीर फाइल' को बताया- वल्गर और प्रोपेगेंडा फिल्म
गोवा में अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के जूरी प्रमुख ने फिल्म 'कश्मीर फाइल्स' की आलोचना करते हुए इसे 'प्रोपेगेंडा' और 'वल्गर' बताया है। इज़राइली फिल्म निर्माता नदव लपिड ने कहा कि वे फिल्म के कंटेंट और विजुअल को देखकर हैरान थे। आपको बता दें कि विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती और पल्लवी जोशी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के जूरी हेड नदव लपीड ने कहा कि अगर इस फिल्म को भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजा जाएगा तो इससे भारत की छवि खराब होगी। यह फिल्म पूरी तरह से एजेंडे पर आधारित है। अपने संबोधन में लपीड ने कहा कि फिल्म महोत्सव में जिन 15 फिल्मों को भेजा गया था, उनमें 15वीं फिल्म: द कश्मीर फाइल्स से हम परेशान और स्तब्ध थे। क्योंकि यह फिल्म हमें प्रचार आधारित और अश्लील लगी।
उन्होंने कहा कि इस तरह के एक प्रतिष्ठित फिल्म समारोह के लिए यह फिल्म उपयुक्त नहीं है। लपीड ने कहा कि मैं यहां इस मंच पर आपके साथ इन भावनाओं को खुले तौर पर साझा करने में पूरी तरह सहज महसूस करता हूं। क्योंकि उत्सव में अलोचनाओं को भी स्वीकार करना होगा। ताकि कला और कलाकार का सम्मान हो सके।
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते फिल्म महोत्सव में कश्मीर फाइल्स को भी दिखाया गया था। कश्मीर फाइल्स का निर्देशन विवेक रंजन अग्निहोत्री ने किया है। यह फिल्म 11 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों की हत्या और पलायन पर आधारित है। यह फिल्म भारत में हिट हुई थी। वहीं, कई लोगों ने फिल्म रिलीज होने के बाद भी अलोचना की थी।
इस फिल्म के प्रदर्शन पर सिंगापुर में भी रोक लगा दी गई थी। सिंगापुर सरकार ने कहा था कि फिल्म में मुस्लिमों के भावनाओं को आहत किया गया है। आपको बता दें इस फिल्म ने भारत में जमकर कमाई थी। इस फिल्म को अधिकतर भाजपा शासित राज्यों में टैक्स फ्री भी किया गया था।
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