• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts
Oneindia App Download

महिला ने उत्तेजक कपड़े पहने थे! इसलिए इस कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी को दे दी जमानत

|
Google Oneindia News

कोझिकोड (केरल), 17 अगस्त: केरल की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न के एक आरोपी को इस आधार पर अग्रिम जमानत दे दी है कि पीड़िता ने घटना के वक्त उत्तेजक कपड़े पहन रखे थे। आरोपी उम्रदराज है। वह लेखक और सोशल ऐक्टिविस्ट है। मामला करीब ढाई साल पुराना है, जिसमें एफआईआर दर्ज होने में काफी देरी हुई है। अग्रिम जमानत दिए जाने का यह भी एक आधार बताया गया है। बहरहाल उत्तेजक कपड़े पहनने का अदालती तर्क एक बड़ी बात है, जिसपर आने वाले दिनों में नई बहस छिड़ सकती है।

महिला ने उत्तेजक कपड़े पहने थे, तो यौन उत्पीड़न नहीं!

महिला ने उत्तेजक कपड़े पहने थे, तो यौन उत्पीड़न नहीं!

केरल की एक अदालत ने अपनी जमानत के आदेश में कहा है कि यदि महिला ने उत्तेजक कपड़े पहन रखे थे तो प्राथमिक तौर पर यौन उत्पीड़न का मामला नहीं टिकेगा। कोझिकोड सेशन कोर्ट ने लेखक और सोशल ऐक्टिविस्ट सिविक चंद्रण को यौन उत्पीड़न के एक मामले में अग्रिम जमानत मंजूर कर दी है। अदालत ने जमानत पर हरी झंडी लगाते हुए कहा है कि अगर महिला ने उत्तेजक कपड़े पहन रखे थे तो प्राथमिक तौर पर आईपीसी की धारी 354ए के तहत अपराध नहीं बनता।

पीड़िता से ज्यादा आरोपी की दलीलों का असर

पीड़िता से ज्यादा आरोपी की दलीलों का असर

दिलचस्प है कि 74 साल के आरोपी ने अपनी बेल याचिका के साथ पीड़त महिला की कुछ तस्वीरें भी अदालत में पेश की थीं। उन तस्वीरों को देखने के बाद अदालत ने पाया कि 'बेल याचिका के साथ आरोपी की ओर से जो तस्वीरें लगाई गई हैं, उससे पता चलता है कि शिकायतकर्ता की ड्रेस खुद ही कुछ यौन उत्तेजक तरह की हैं। इसलिए आरोपी के खिलाफ प्राथमिक तौर पर सेक्शन 354ए स्टैंड नहीं करता।' अदालत को इस आरोप पर भी विश्वास नहीं हुआ कि 74 साल के शारीरिक तौर पर अक्षम आरोपी ने कैस जबर्दस्ती शिकायतकर्ता को अपनी गोद में ले लिया और उसके ब्रेस्ट को दबा दिया।

एफआईआर में देरी पर भी सवाल

एफआईआर में देरी पर भी सवाल

अदालत ने कहा कि धारा 354 में साफ है कि महिला के शील भंग करने के मामले में आरोपी का निश्चित तौर पर कोई मकसद होगा। धारा 354 ए यौन उत्पीड़न और उसकी सजा से जुड़ी है। इस धारा के इस्तेमाल के लिए शारीरिक संपर्क और अवांछित और स्पष्ट यौन संबंधों से जुड़े एकतरफा व्यवहार, यौनिक टिप्पणियां या उसकी मांग या यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए आग्रह करना शामिल है। अदालत ने यह भी कहा है कि यह एक तय सिद्धांत है कि अगर एफआईआर में बहुत देरी हुई है तो उसका कारण पूरी तरह स्पष्ट किया जाना चाहिए। इस मामले में कथित अपराध के दो साल बाद एफआईआर दर्ज की गई है।

2020 का है मामला

2020 का है मामला

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता का यौन उत्पीड़न किया और उसका शील भंग करने की कोशिश की। यह मामला फरवरी 2020 में नंदी बीच पर आयोजित एक कैंप का है। पीड़ित एक युवा महिला हैं, और वह भी लेखक हैं। कोयिलांडी पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 354ए(2),341 और 354 के तहत मुकदमा दर्ज किया हुआ है। इस मामले में आरोपी के वकीलों ने सेशन कोर्ट में दावा किया कि यह केस फर्जी है और इसे आरोपी के दुश्मनों ने उनसे बदला लेने के लिए करवाया है। इन्होंने भी केस दर्ज होने में दो साल की देरी को बचाव का हथियार बनाया है।

इसे भी पढ़ें-'मुझे कुछ नहीं पता', कार्तिकेय सिंह के खिलाफ वारंट पर बोले सीएम नीतीश कुमारइसे भी पढ़ें-'मुझे कुछ नहीं पता', कार्तिकेय सिंह के खिलाफ वारंट पर बोले सीएम नीतीश कुमार

आरोपी के खिलाफ पहले से भी यौन उत्पीड़न की शिकायत

आरोपी के खिलाफ पहले से भी यौन उत्पीड़न की शिकायत

आरोपी की ओर से अदालत में जो तस्वीरें पेश की गई हैं, उसे दावे के मुताबिक पीड़ित ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया हुआ है। आरोपी ने दलील दी है कि उस जगह पर शिकायतकर्ता अपने बॉयफ्रेंड के साथ पहुंची थी और कथित घटना के वक्त वहां कई लोग मौजूद थे और किसी ने आरोपी के खिलाफ ऐसी शिकायत नहीं की थी। सरकारी वकील ने आरोपी को जमानत दिए जाने का जोरदार विरोध किया और कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले भी ऐसे ही यौन उत्पीड़न के केस दायर किए गए थे।

Comments
English summary
A Kerala court has granted anticipatory bail to a sexual assault accused on the ground that the victim was wearing provocative clothes at the time of the incident
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X