पीठ पीछे गाली देते थे मां-बाप, बदला लेने के लिए की 7 साल के मासूम की हत्‍या, 38 दिनों तक सूटकेस में रखा था शव

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नई दिल्‍ली। राजधानी दिल्‍ली के स्‍वरूप नगर इलाके से बीते 7 जनवरी से 7 साल का मासूम आशीष लापता था। अब उसकी लाश ए‍क घर के अंदर से सूटकेस से बरामद हुई है। इस घटना ने पूरी दिल्‍ली को हिला कर रख दिया है। लोग इस बात को जानकर हैरान हैं कि कातिल ने मासूम का कत्ल करने के बाद लाश को 38 दिनों तक घर के अंदर सूटकेस में छिपाकर रखा था। इतना ही नहीं उसने लाश की बदबू को दबाने के लिए कमरे में कई तरह के परफ्यूम और मरे हुए चूहे रखे थे। चूहे इसलिए ताकि बदबू के सवाल पर चूहे मरे होने का जवाब दे सके। इन सबके अलावा अब वो कारण सामने आई है जिसके चलते उसने इस हैवानियत को अंजाम दिया।

मासूम के मां-बाप से बदला लेना चाहता था

मासूम के मां-बाप से बदला लेना चाहता था

आरोपी का नाम अवधेश शाक्‍य है। वो बच्चे के घर से 4 मकान छोड़कर 5वें मकान में रहता था। आशीष उसे चाचा कहता था। वो उसके दूर का रिश्‍तेदार भी है। पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में अवधेश ने कबूल किया है कि आशीष के माता-पिता उसकी अनुपस्थिति में उसकी बुराई करते थे और उसका घर में आना पसंद नहीं करते थे। इसी का बदला लेने के लिए उसने उसकी हत्‍या कर दी। इसके बाद में उसने सोचा कि फिरौती भी वसूल ली जाए। 15 लाख रुपए की फिरौती मांगने की उसने योजना बना ली थी। Read Also-मौसी के घर पर 20 साल से रह रहा था भतीजा, मौसा को हुआ कुछ ऐसा शक कि कर दिया ये हश्र

शराब पीने के चलते आशीष के पिता ने अवधेश को निकाल दिया था

शराब पीने के चलते आशीष के पिता ने अवधेश को निकाल दिया था

जानकारी के मुताबिक अवधेश जब शहर में नया नया आया तो दूर की जान-पहचान के कारण वह मासूम आशीष के पिता करण के घर ही रहा, लेकिन उसके शराब पीने की आदत के चलते करण ने उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद उसने पड़ोस में घर ले लिया और बदला लेने के लिए करण के बेटे आशु को साइकल देने का झांसा देकर कमरे में बुलाया और मौत के घाट उतार दिया।

बच्चे के परिवार का शुभचिंतक बनने का नाटक करता रहा कातिल

बच्चे के परिवार का शुभचिंतक बनने का नाटक करता रहा कातिल

अवधेश ने बताया कि आशीष की हत्या के बाद शव को बांध कर उसने अलमारी में रख दिया और बच्चे के परिवार का शुभचिंतक बनने का नाटक करता रहा। उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उसे पता था कि रास्ते में सीसीटीवी लगे हुए हैं। घटना के दिन बच्चे के पिता करण सैनी के साथ आरोपी अवधेश भी संवेदना दिखाते हुए गायब होने की एफआईआर दर्ज करवाने स्वरूपनगर थाने गया था। परिवार ने गुमशुदा बच्चे के फोटो वाले पोस्टर भी जगह-जगह चिपकाए। Read Also-चचेरा भाई सालों तक करता रहा बलात्‍कार, गर्भवती हुई नाबालिग बहन ने अब दिया बच्‍चे को जन्‍म

किसी महिला द्वारा किडनैप करने की बात कहता था अवधेश

किसी महिला द्वारा किडनैप करने की बात कहता था अवधेश

आशीष की मां ने कहा, ''अवधेश हमारा दूर का रिश्तेदार है। उसका घर पर आना-जाना था। यहां तक कि जब आशीष पैदा हुआ था, तब भी डिस्चार्ज के वक्त अवधेश हमारे साथ ही घर आया था। वो हमारे लिए फैमिली मेंबर की तरह था। अंदाजा भी नहीं था कि वो ऐसा कर देगा।'' ''बेटे के गायब पर वह रोज घर आने लगा। हर दिन नए-नए ढोंग रचता था। कहता था कि मैं एक तांत्रिक के पास गया। उसने बताया कि आपके पड़ोस में शादी के लिए एक महिला आई है। वह गरीब है और पैसों के लिए उसने बच्चे को उठाया है। एक दिन बोतल में कोई लिक्विड और सामान लाया। कहा कि इसे घर में छिड़को, बच्चा लौट आएगा।''

बदबू दबाने के लिए परफ्यूम छिड़कता, लोग पूछते तो मरे चूहे दिखाता

बदबू दबाने के लिए परफ्यूम छिड़कता, लोग पूछते तो मरे चूहे दिखाता

बच्चे की बॉडी की बदबू बाहर ना जाए, इसलिए आरोपी अवधेश कई तरह के परफ्यूम इस्तेमाल करता था। पड़ोसी कभी बदबू की शिकायत करते तो उन्हें गुमराह करने के लिए मरे हुए चूहे दिखा देता था। आरोपी के कमरे से मरे हुए चूहे और परफ्यूम की कई बोतलें मिली हैं।

पुलिस की बड़ी लापरवाही भी आई सामने

पुलिस की बड़ी लापरवाही भी आई सामने

आशीष की हत्‍या के मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। बच्चे के घर से 4 मकान छोड़कर 5वें मकान में ही आरोपी अवधेश शाक्य ने 38 दिन तक बॉडी को सूटकेस में छिपाए रखा और पुलिस आंखें बंद कर बैठी रही। जबकि गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में बच्चा आखिरी बार आरोपी के घर के पास दिखाई दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने इलाके के 50 से ज्यादा घरों और पानी की टंकियों की तलाशी ली, लेकिन आरोपी के घर नहीं गई।

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English summary
A seven-year-old boy was killed in Delhi by a civil services aspirant who had kidnapped him for ransom.

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