हैदराबाद: CRISAT की 50वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी, लॉन्च किया स्पेशल लोगो
हैदराबाद, 05 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को हैदराबाद के पाटनचेरु में इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (आईसीआरआईएसएटी) की 50 वीं वर्षगांठ समारोह की शुरुआत की। इस दौरान पीएम के साथ तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल होने से पहले पीएम मोदी ने आईसीआरआईएसएटी के परिसर में लगी एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इसके अलावा पीएम मोदी आज दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची बैठी मूर्ति का 'स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी' का लोकार्पण करेंगे। ये मूर्ति भक्ति संत रामानुजाचार्य को समर्पित है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आपके (आईसीआरआईएसएटी) पास 5 दशकों का अनुभव है। इन 5 दशकों में आपने भारत सहित दुनिया के एक बड़े हिस्से में कृषि क्षेत्र की मदद की है। आपकी रिसर्च, आपकी टेक्नॉलॉजी ने मुश्किल परिस्थितियों में खेती को आसान और सस्टेनेबल बनाया है।' वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'यह आजादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है। ICRISAT के भी 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। ये हमें प्रेरणा प्रदान करने वाले अवसर हैं, हमारे संकल्प को पूर्ण करने का समय है और आने वाले 25 वर्षों के लिए नए संकल्प लेकर चलने का समय है।'
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Telangana: PM Narendra Modi kickstarts the 50th Anniversary celebrations of the International Crops Research Institute for Semi-Arid Tropics (ICRISAT) in Patancheru, Hyderabad. pic.twitter.com/TV1SE3fo89
— ANI (@ANI) February 5, 2022
पीएम मोदी ने आगे कहा, भारत ने क्लाइमेट चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया से इस पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। भारत ने 2070 तक नेट जीरो का टारगेट तो रखा ही है, हमने LIFE- Lifestyle for Environment की जरूरत को भी हाईलाइट किया है। बदलते हुए भारत का एक महत्वपूर्ण पक्ष है- डिजिटल एग्रीकल्चर। ये हमारा फ्यूचर है और इसमें भारत के टेलेंटेड युवा, बहुत बेहतरीन काम कर सकते हैं। डिजिटल टेक्नॉलॉजी से कैसे हम किसान को empower कर सकते हैं, इसके लिए भारत में प्रयास निरंतर बढ़ रहे हैं। आज भारत में हम FPOs और एग्रीकल्चर वैल्यू चेन के निर्माण पर भी बहुत फोकस कर रहे हैं। देश के छोटे किसानों को हज़ारों FPOs में संगठित करके हम उन्हें एक जागरूक और बड़ी मार्केट फोर्स बनाना चाहते हैं।












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