हैदराबाद डॉक्टर मर्डर: आरोपियों को पेट्रोल बेचने वालों पर भी हो सकती है कार्रवाई, कानूनी सलाह लेने की तैयारी

नई दिल्ली- हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप और हत्या की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। लेकिन, लगता है कि हैदराबाद के पेट्रोल पंप मालिकों को अभी भी घटना की गंभीरता समझ में नहीं आ रही है। तेलंगाना की राजधानी में अभी भी कई पेट्रोल पंप बोतलों में धड़ल्ले से पेट्रोल बेच रहे हैं और उन्हें कुछ फर्क ही नहीं पड़ रहा है कि उनकी इसी गलती का ही नतीजा है कि एक हंसती-खेलती लड़की को हैवानों ने इतनी खौफनाक मौत दे दी। हैदराबाद के साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि इस जघन्य गैंगरेप और हत्या की घटना की तहकीकात पूरी होने के बाद वह इस मसले पर कोई सख्त कानून बनवाने की पहल करेंगे और इस बात की भी कानूनी सलाह लेंगे कि आरोपियों को पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज हो सकता या नहीं।

कुछ पेट्रोल पंप अभी भी खुले में बेच रहे हैं पेट्रोल

कुछ पेट्रोल पंप अभी भी खुले में बेच रहे हैं पेट्रोल

टीओआई की एक खबर के मुताबिक उसकी एक टीम ने सोमवार को हैदराबाद के सात पेट्रोल पंपों का जायजा लिया। उनमें से तीन पेट्रोल पंप पर बिना पूछताछ के प्लास्टिक की बोलतों में पेट्रोल बेचा जा रहा था। हफ्ते भी नहीं गुजरे हैं, जब एक वेटनरी डॉक्टर का चार हैवानों ने पहले गैंगरेप किया, फिर उसकी जघन्य हत्या कर दी और उसके बाद बोतल में पेट्रोल लाकर उसके शरीर को जला दिया। आरोपियों ने शम्शाबाद हाइवे के एक पेट्रोल पंप से पीड़िता को जलाने के लिए बोतल में पेट्रोल खरीदकर लाया था। 27 नवंबर की इस वारदात के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश है और उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं। लेकिन, तेंलगाना के लिए यह पहली घटना नहीं थी, जिसमें लूज पेट्रोल का खतरनाक इस्तेमाल हुआ। पिछले 4 नवंबर को अब्दुल्लापुरमेट इलाके में एक आक्रोशित किसान ने महिला तहसीलदार को पेट्रोल छिड़कर जिंदा जला दिया था।
(तस्वीर सौजन्य: टीओआई)

कुछ पेट्रोल पंपों ने समझी है जिम्मेदारी

कुछ पेट्रोल पंपों ने समझी है जिम्मेदारी

सोमवार को हैदराबाद के जिन पेट्रोल पंपों पर खुले में पेट्रोल बेचा जा रहा था, उनमें लकड़ी-का-पुल, खैरताबाद और बंजारा हिल्स जैसे पॉश इलाके शामिल हैं। तेलंगाना पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स (लाइसेंसिंग एंड रेगुलेशन्स ऑफ सप्लाईज) ऑर्डर,1980 पेट्रोल पंपों से प्लास्टिक बोतलों में पेट्रोल बेचने का निषेध करता है। अगर कोई पेट्रोल पंप ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। हालांकि, सोमाजीगुडा में दो और खैरताबाद और लकड़ी-का-पुल इलाके में ही एक-एक पेट्रोल पंप ऐसे भी मिले जिनके मालिकों ने वेटनरी डॉक्टर गैंगरेप और हत्याकांड के बाद खुले में पेट्रोल बेचने से अपने स्टाफ को मना कर दिया था। सोमाजीगुडा के एक पेट्रोल पंप मैनेजर ने बताया, 'डॉक्टर से रेप और हत्या के बाद हमसे कहा (मालिक की ओर से) गया है कि लूज पेट्रोल नहीं बेचना है।' पेट्रोल पंप एसोशिएशन की ओर से भी कहा जा रहा है कि जो लोग सुनने के लिए तैयार नहीं हैं, उनके खिलाफ पुलिस या संबंधित विभागों की ओर से नोटिस भेजी जानी चाहिए।

आरोपियों को पेट्रोल बेचने वालों पर होगा केस ?

आरोपियों को पेट्रोल बेचने वालों पर होगा केस ?

इस बीच हैदराबाद पुलिस डॉक्टर की हत्या के आरोपियों को बोतल में पेट्रोल बेचने के लिए संबंधित पेट्रोल पंप के कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी सोच रही है। साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर, वीसी सज्जनार ने कहा, 'फिलहाल, हम वेटनरी डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले पर फोकस कर रहे हैं। उस पेट्रोल पंप के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज हो सकता है कि नहीं, इसको लेकर हम कानूनी राय ले रहे हैं, जिन्होंने चारों आरोपियों को बोतल में पेट्रोल बेचा था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने पीड़िता के शरीर को जलाने के लिए किया था। यह सिर्फ इस शहर की समस्या नहीं है,बल्कि पूरे देश की समस्या है। हम जल्द ही संबंधित विभागों के साथ एक बैठक करेंगे, ताकि खुले में पेट्रोल बेचने को गैरकानूनी बनाया जा सके।'

वेटनरी डॉक्टर की हत्या के बाद गुस्से में है देश

वेटनरी डॉक्टर की हत्या के बाद गुस्से में है देश

बता दें कि 26 साल की पीड़िता को चारों आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत अपना शिकार बनाया था। पहले उसकी स्कूटी को पंक्चर कर दिया और उसे ही ठीक कराने के बहाने उसे अगवा कर लिया। बाद में चारों आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप को अंजाम दिया। रेप के दौरान उसे जबरन शराब भी पिलाई। फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और बाद में पेट्रोल पंप से बोलत में पेट्रोल लाकर उसके शरीर को जलाकर सबूत भी मिटाने की कोशिश की गई। इस जघन्य अपराध के खिलाफ देशभर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग आरोपियों को तुरंत फांसी पर लटकाने की मांग कर रहे हैं। इन आरोपियों के खिलाफ नफरत का आलम ये है कि उनके परिवारों ने भी फिलहाल उनसे हमदर्दी नहीं दिखाई है और रंगारेड्डी जिले के वकीलों ने ऐलान कर दिया है कि इन चारों आरोपियों का केस कोई नहीं लड़ेगा।

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