हैदराबाद में 5.5 लाख फर्जी मतदाता वोटर लिस्ट से आउट, फिर भी क्यों भड़क रही हैं BJP प्रत्याशी माधवी लता?
Hydrabad BJP Madhavi Latha: हैदराबाद लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की फायरब्रांड उम्मीदवार माधवी लता की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने कार्रवाई की।
अब हैदराबाद की मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) से 5.5 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। हालांकि इस कदम की भी माधवी लता ने आलोचना की है? आइए जानें क्यो?

हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार माधवी लता ने 5.5 लाख फर्जी वोट हटाने के फैसले पर ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीजेपी यह देखने के लिए दोबारा जांच करेगी कि क्या सभी फर्जी वोट हटा दिए गए हैं या नहीं? बता दें कि जीएचएमसी हैदराबाद जिले के चुनाव प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है।
जीएचएमसी ने बताया कि जनवरी 2023 से कुल 5,41,259 नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, जिनमें से 47,141 मृत थे, 4,39,801 घर बदल लिए हैं और 54,259 डुप्लिकेट मतदाता थे।
माधवी लता बोलीं- ये इतना आसान था तो अब तक क्यों नहीं किया?
माधवी लता ने इस पर फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, ''अगर इसे इतनी आसानी से हटाया जा सकता था तो अब तक ऐसा क्यों नहीं किया गया? हम देखेंगे कि क्या उन्होंने सचमुच इसे हटा दिया है? हमारे पास हर वोट की जानकारी है।''
माधवी लता ने अपने कई प्रचार भाषणों में टिप्पणी की है कि हैदराबाद के मौजूदा सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनकी एआईएमआईएम के लगातार हर आम चुनाव जीतने का एकमात्र कारण फर्जी वोटों की उपस्थिति है।
औवेसी ने भी माधवी लता को दिया जवाब?
माधवी लता के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए असदुद्दीन औवेसी ने कहा था कि इस तरह के बयान भारत के चुनाव आयोग का अपमान हैं।
असदुद्दीन औवेसी ने कहा, ''हर साल जनवरी में नाम सूची में शामिल किए जाते हैं। आपत्तियां दाखिल करने के लिए समय दिया जाता है और फिर अंतिम मतदाता सूची की जांच की जाती है। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। इस तरह के बयान ओबीसी, दलित और मुस्लिम मतदाताओं का भी अपमान करते हैं जो वोट डालने के लिए बाहर निकलते हैं।''












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