बेटी पैदा न हो, इसलिए पति और देवर ने मिलकर महिला के पेट से निकाला भ्रूण, मौत
महिला के पति और देवर ने मिलकर पहले उसके हाथ पैर बांधे, फिर उसके पेट को तब तक दबाते रहे जब तक कि भ्रूण पेट से बाहर नहीं आ गया। महिला की हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार है।
लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में एक महिला को गर्भपात कराने से मना करने पर उसके पति और देवर ने जान से मार दिया। महिला के पति और देवर ने मिलकर पहले उसके हाथ पैर बांधे, फिर उसके पेट को तब तक दबाते रहे जब तक कि भ्रूण पेट से बाहर नहीं आ गया। महिला की हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार है।

यह घटना लुधियाना के जांदी कालन गांव का है। मिली जानकारी के मुताबिक मंजीत कौर (32) की शादी जांदी कालन के रहने वाले इरविंदर सिंह से हुई थी। शादी के बाद मंजीत को एक बेटी हुई जो अब दो साल की है। मंजीत जब दोबारा गर्भवती हुई तो उसका पति ने उसके भ्रूण लिंग परीक्षण कराया। जांच में पता चला कि मंजीत के गर्भ में बेटी पल रही है जिसके बाद से ही मंजीत के ससुरालवाले उसपर गर्भपात कराने का दबाव बना रहे थे।
मंजीत ने जब गर्भपात कराने से मना कर दिया तो नाराज पति और देवर ने रविवार की रात को मंजीत को के हाथ-पैर रस्सियों से बांध दिए। मंजीत को बांधने के बाद वो उसके पेट को जोर से दबाने लगे जिससे पेट में पल रहा भ्रूण बाहर आ गया। भ्रूण बाहर आने के साथ ही मंजीत की भी मौत हो गई। बता दें कि मंजीत सात महीने की गर्भवती थी। मंजीत के मरने के बाद उसके पति और देवर ने उसका शव खेत में फेंक दिया और खुद फरार हो गए।
बेटी की हत्या की सूचना मिले पर घर पहुंचे मंजीत के पिता ने बताया कि पहली बेटी के पैदा होने के बाद से ही उसके ससुराल वाले उसे मारते-पीटते रहते थे। साथ ही उसे बेटा पैदा न करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी जाती थी। सिधवां बेट थाने के चौकी इंजार्ज, परमजीत सिंह ने बताया कि मृत महिला का पोस्टमार्टम हो चुका है। हमने इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है जल्द ही वे हमारे गिरफ्त में होंगे।












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