कोरोना वायरस से बचाव के लिए किस तरह से पहनें मास्क, कौन सा मास्क है आपके लिए सबसे बेहतर, जानें
कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन वायरस के पुराने संस्करण के मुकाबले आसानी से फैलने में सक्षम है, इसलिए विशेषज्ञों ने लोगों को अपना फेस मास्क बदलने या बेहतर फेस मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन वायरस के पुराने संस्करण के मुकाबले आसानी से फैलने में सक्षम है, इसलिए विशेषज्ञों ने लोगों को अपना फेस मास्क बदलने या बेहतर फेस मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कई विशेषज्ञ लोगों को फिट सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार लोगों को सर्जिकल मास्के के ऊपर कपड़े से बना मास्क पहनना चाहिए, इसके अलावा कपड़े की कई परतों से बना मास्क भी उचित होगा। विशेषज्ञों के अनुसार लोग अच्छी फिटिंग वाला एन-95 मास्क भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
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रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ. टॉम फ्रीडेन के मुताबिक, कपड़े के मास्क के मुकाबले सर्जिकल मास्क पहनना ज्यादा अच्छा है। लोगों को टाइट फिटिंग के साथ सर्जिकल मास्क पहनना चाहिए। वहीं, उन्होंने एन-95 मास्क को इन दोनों मास्क से बेहतर बताया है। उन्होंने सिंगल लेयर मास्क और ढीली फिटिंग का मास्क पहनने वाले लोगों को खासतौर पर यह सलाह दी जो इनका इस्तेमाल करने वाले लोगों और उनके आसपास के लोगों को आंशिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।
मास्क खरीदते वक्त इस बात का रखें ध्यान
जांचें सुरक्षा का स्तर- फेस मास्क लार, थूक के छीटे और नाक से निकलने वाली नमी को बाहर निकलने और हवा में फैलने से रोकते हैं। कोरोना वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलाने में यही तत्व वाहक का काम करते हैं। इसलिए मास्क पहनने से कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है। इसलिए अपने लिए मास्क का चुनाव करते समय यह देखें कि उक्त मास्क आपको कितने लेयर की सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। विशेज्ञषों ने एन-95 को अन्य सभी मास्कों से ऊपर रखा है।
उनका कहना है कि यह हवा में घुलने वाले 95% हानिकारक तत्वों से आपको बचाता है इसलिए इसका उपयोग सब से बेहतर है। जून में द लांसेट में प्रकाशित अवलोकन संबंधी अध्ययनों की समीक्षा के अनुसार सर्जिकल मास्क सबसे छोटे कणों को कम ब्लॉक करते हैं, लेकिन वे सिंगल-लेयर क्लॉथ मास्क की तुलना में अधिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। वहीं विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को और घातक मानते हुए सिंगल लेयर मास्क का उपयोग करने वाले लोगों को दो मास्क पहनने की सलाह दी है।
वहीं विशेषज्ञों ने एन-95 मास्क खरीदते वक्त भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा है कि व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय संस्थान द्वारा स्वीकृत किए गए मास्क पहना ही उचित है। विशेषज्ञों के अनुसार जो मास्क सांस बाहर छोड़ने वाले वाल्व के साथ आते हैं ऐसे मास्कों से लोगों को बचाना चाहिए क्योंकि वे अनफिल्टर्ड हवा छोड़ते हैं और आपके आसपास के लोगों को वायरस से नहीं बचाते हैं।
घर के अंदर रहने वाले व्यक्तियों में कोरोना वायरस के फैलने की ज्यादा संभावना
वहीं दक्षिण अफ्रीका के एक विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग विशेषज्ञ रिचर्ड लेसल्स ने कहा, "सबूतों के आधार पर, हमें अभी भी लगता है कि घर के बाहर ट्रांसमिशन का जोखिम घर के अंदर की तुलना में बहुत कम है।" उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि लोग मास्क घर से बाहर पहनते हैं। जबकि घर के अंदर न लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं और न ही मास्क पहनते हैं। इसलिए घर में रहकर एक दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताने से कोरोना वायरस फैलने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।












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