कांग्रेस को 'मरने' से कैसे बचाएं ? प्रशांत किशोर ने सोनिया को दी ये 5 सलाह
नई दिल्ली, 21 अप्रैल: 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए काम कर चुके चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अभी से कांग्रेस को सलाह देने लगे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के सामने पार्टी को फिर से मजबूत बनाने के लिए जो प्रजेंटेशन दिया है, उसमें उन्होंने कहा है कि 'कांग्रेस को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।' चुनाव रणनीतिकार ने पार्टी को नेतृत्व संकट से लेकर गठबंधन के मुद्दे तक सभी मसलों पर अपने सुझाव दिए हैं। अब देखने वाली बात है कि राहुल गांधी,सोनिया को मिली सलाह पर कितना अमल कर पाते हैं ?

कांग्रेस में प्राण फूंकने की प्रशांत किशोर की कवायद
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की बीजेपी के खिलाफ बड़ी जीत दिलाने के मुख्य किरदार होने के दावेदार माने जाने वाले चुनाव रणनीतिकार अब कांग्रेस में प्राण फूंकने में जुट चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और दूसरे वरिष्ठ नेताओं के सामने इसके लिए हाल ही में एक प्रेजेंटेशन दिया है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने गांधी जी के शब्दों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पार्टी की मौजूदा स्थिति बयां करते हुए कहा, 'इंडियन नेशनल कांग्रेस को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता, यह सिर्फ राष्ट्र के साथ ही मर सकती है।'

कांग्रेस को 'जिंदा' करने के लिए दिया ब्लूप्रिंट
2019 के आम चुनाव के बाद से कांग्रेस लगातार पतन की ओर जा रही है। हाल में हुए पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों में उसकी जो दुर्गति हुई है, उसके बाद कांग्रेस पार्टी अपने दम पर फिर से उठ खड़ी होने के लिए, बेदम नजर आ रही है। इसीलिए पार्टी नेतृत्व ने अब प्रशांत किशोर की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखना शुरू किया है। माना जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस को फिर से जिंदा करने के लिए एक ब्लूप्रिंट दिया है।

13 करोड़ फर्स्ट-टाइम वोटर पर फोकस
अपने प्रेजेंटेशन में किशोर ने कांग्रेस आलाकमान को देश की मौजूदा राजनीतिक परिदृष्य में कांग्रेस की स्थिति, उसकी ताकत और कमजोरियों पर फोकस करके बताया है। 2024 के लोकसभा के लिए जो योजना दी गई है, उसमें भारत की आबादी, कांग्रेस के सांसदों और विधायकों की संख्या, महिलाओं, युवाओं, छोटे कारोबारियों और किसानों के प्रति पार्टी का नजरिया चिन्हित की गई है। प्रशांत किशोर ने 2024 के चुनाव में वोटिंग के लिए तैयार हो रहे 13 करोड़ फर्स्ट-टाइम वोटर पर भी फोकस किया है।

कांग्रेस को उसकी ताकत बताकर जगाने की कोशिश
प्रशांत किशोर ने सोनिया को याद दिलाया है कि कांग्रेस के पास लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर कुल 90 सांसद हैं। जबकि, देशभर की विधानसभाओं में उसके 800 एमलए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीन राज्यों में सत्ता में थी (पंजाब हार गई है और राजस्थान-छत्तीसगढ़ में कुर्सी पर है), इनके अलावा तीन और राज्यों में यह गठबंधन सरकारों में है। 13 राज्यों में यह आज भी मुख्य विपक्ष की भूमिका में है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को यह आगाह किया है कि 1984 के चुनाव के बाद से इसका वोट प्रतिशत लगातार घटता चला गया है।

प्रशांत किशोर ने सोनिया को दी ये 5 सलाह
पहला- कांग्रेस को नेतृत्व संकट सुलझाने की आवश्यकता है।
दूसरा- गठबंधन के मुद्दे को हल करने की जरूरत है।
तीसरा- पार्टी निश्चित तौर पर अपने पुराने आदर्शों की ओर लौटे।
चौथा- कांग्रेस को जमीनी स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को संगठित करना होगा।
पांचवां- पार्टी को अपने संचार-तंत्र को सुधारने की जरूरत है।












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