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जम्‍मू कश्‍मीर में डॉक्‍टर बनने का सपना देख रहा लड़का शामिल हुआ आतंकी संगठन में और बन बैठा जेहादी, जानिए आगे क्‍या हुआ

श्रीनगर। जम्‍मू कश्‍मीर में आतंकी संगठन अब ऐसे युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं जो डॉक्‍टर या इंजीनियर बनने का सपना पाले हुए हैं। इसी तरह के एक किशोर का इंटरव्‍यू सामने आया है जिसमें उसने इस बात का कुबूला है कि वह नीट परीक्षा की तैयारी करते-करते एक आतंकी संगठन से जुड़ गया था। फिलहाल यह लड़का वापस आ गया है लेकिन इसके कुबूलनामे ने घाटी में जारी आतंकियों के खतरनाक खेल को सामने लाकर रख दिया है। इस किशोर जेहादी ने इंडिया टुडे को दिए खास इंटरव्‍यू में आतंकियों की साजिश के बारे में बताया है। यह लड़का त्राल यानी दक्षिण कश्‍मीर की उसी जगह का रहने वाला है यानी वही जगह जो हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी का गृहनगर है।

डॉक्‍टर बनते-बनते बन गया जेहादी

डॉक्‍टर बनते-बनते बन गया जेहादी

15 वर्ष का रेहान भट नीट की तैयारियों में लगा हुआ था। एक माह पहले तक वह नीट परीक्षा के लिए कोचिंग में बिजी था। इन सबके बीच अचानक तीन अक्‍टूबर रेहान गायब हो गया और फिर उसकी तस्‍वीर ने लोगों को चौंका दिया। जो लड़का हाथ में किताबें लिए हुए पढ़ाई में ही मगन रहता था एक दिन उसकी एके-47 वाली तस्‍वीरों ने लोगों की सांसे रोक दी। सोशल मीडिया पर आई इन तस्‍वीरों ने रेहान के घर और उसके दोस्‍तों को हैरानी में डाल दिया था। दो हफ्तों के अंदर डॉक्‍टर बनने का सपना देख रहा यह लड़का तहरीक-उल-मुजाहिद्दीन (तुम) में शामिल हो गया। यह आतंकी संगठन वर्तमान समय में नॉर्थ कश्‍मीर से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। एक पुलिस स्‍टेशन पर हुए ग्रेनेड अटैक की वजह से रेहान चेक प्‍वाइंट पर पकड़ा गया। उसके उसके कमांडर शौकत अहमद के साथ पकड़ा था।

आतंकी के साथ पकड़ा गया था रेहान

आतंकी के साथ पकड़ा गया था रेहान

रेहान और शौकत दोनों ही एक एसयूवी में साउथ कश्‍मीर की तरफ सफर कर रहे थे। सुरक्षाबलों ने जहां शौकत अहमद को ढेर कर दिया तो वहीं रेहान पकड़ा गया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर श्रीनगर स्थित जुवेनाइल होम लाया गया। रेहान ने अपने कुबूलनामे में बताया है, 'यह जेहाद नहीं है।' उसे अपनी गलती का अहसास हो रहा था और उसका कहना था, 'किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना जेहाद होता है।' रेहान ने यह बात स्‍वीकार की है कि तीन अक्‍टूबर को वह सक्रिय आतंकी बन चुका था और सोपोर में शौकत अहमद के साथ ही था। शौकत के साथ वह कई घरों में गया और काफी लोगों ने दोनों को घर में शरण देने से इनकार कर दिया। लड़ाई के बाद भी लोग इन दोनों को अपने घरों में रखने को तैयार नहीं थे। बड़ी मशक्‍कत से कुछ लोगों ने इन्‍हें अपने घर में जगह दी।

 जो हो रहा है वह जेहाद नहीं

जो हो रहा है वह जेहाद नहीं

इसके बाद रेहान ने अपने दिल को टटोला और उसे अहसास हुआ कि जिस रास्‍ते पर वह है, वह एक गलत रास्‍ता है। रेहान ने पुलिस को बताया, 'मुझे लगने लगा था कि यह गलत रास्‍ता है और जेहाद तो बिल्‍कुल नहीं है। हम लोगों से लड़ नहीं सकते और न ही उन्‍हें मजबूर कर सकते हैं कि वे हमें अपना घर शरण के लिए दें।' रेहान ने अपनी गवाही में कहा है कि वह भागना चाहता था लेकिन आतंकियों ने उसे भागने नहीं दिया। उसने बताया कि माता-पिता ने उसका वीडियो बनाया और उससे अपील की कि वह जेहाद का हिस्‍सा न बने। उसकी मां को एक हार्ट अटैक तक आया और उसने आतंकियों से अपील की कि उसे घर जाने दिया जाए। आतंकियों ने उसकी एक नहीं सुनी और उसे घर नहीं जाने दिया। इसके बाद उसी शाम एक सीनियर आतंकी उसकी तस्‍वीरें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट कर दीं। रेहान ने बताया है कि शौकत ने पाटन स्थित चेक प्‍वाइंट के नाके पर मौजूद पुलिस पर ग्रेनेड फेंका था। यह हमला 17 अक्‍टूबर हुआ था।

150 युवा बने आतंकी संगठनों का हिस्‍सा

150 युवा बने आतंकी संगठनों का हिस्‍सा

रेहान को इस बात का भी अफसोस है कि इस ग्रेनेड हमले में महिला, पुरुष, भाई-बहन और पुलिस को चोंटें आई थीं। यही वह पल था जब उसे अहसास हुआ कि वह जो कुछ भी कर रहा है जेहाद नहीं है। उसने वीडियो में भगवान का शुक्रिया भी अदा किया है जिसकी वजह से वह आज जिंदा है। उसने बाकी लोगों से भी अपील की है कि वे जेहाद का हिस्‍सा न बनें। जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि यह पाकिस्‍तान के आतंकी संगठनों की मॉडेस ऑपरेंडी है और पुलिस इस मामले में नजर रखे हुए है। इस वर्ष 150 युवाओं ने आतंकी संगठनों को ज्‍वॉइन किया है। सबसे हैरानी की बात है कि मन्‍नान वानी और स्‍कूल जाने वाले जैसे युवा और किशोर भी अब इस लीग का हिस्‍सा बन रहे हैं।

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