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RSS का वो चक्रव्यूह, जिसमें घिर गए त्रिपुरा के माणिक सरकार और भाजपा को मिला प्रचंड बहुमत

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    नई दिल्ली। पूर्वोत्तर राज्यों में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी सफलता मिली है, पार्टी ने त्रिपुरा में लेफ्ट के 25 साल के शासन को उखाड़ फेंकने में सफलता हासिल की है। पार्टी की यह जीत इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि यहां पिछले चुनाव में पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हो सकी थी और 50 में से 49 सीटों पर पार्टी की जमानत जब्त हो गई थी। लेकिन इस बार के चुनावी नतीजों में पार्टी को दो तिहाई सीट मिलती नजर आ रही हैं। ऐसे में पार्टी की यह जीत काफी अहम है। असम के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा की यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है। लेकिन इस जीत के पीछे पार्टी के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने काफी अहम भूमिका निभाई है।

    2014 के बाद से आरएसएस ने किया फोकस

    2014 के बाद से आरएसएस ने किया फोकस


    2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त जीत में भी आरएसएस ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। जिसके बाद आरएसएस ने नागा फ्रीडम मूवमेंट में अहम भूमिका निभाने वाली रानी गैडिनलियू को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने की मांग की थी। इसकी मांग के पीछे की सबसे बड़ी वजह यह थी कि पूर्वोत्तर राज्यों में जिन स्वतंत्रता सेनानियों को भुला दिया गया है उन्हे एक बार फिर से सुर्खियों में लाकर लोगों का समर्थन हासिल किया जा सके। भाजपा ने पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों को लुभाने की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कार्यक्रम से की जो कि रानी गैडिनलियू के सम्मान में उनके जन्मोत्सव के मौके पर आयोजित की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में शिरकत करके यहां के लोगों को संदेश देने की कोशिश की।

    कई एनजीओ के साथ मिलकर किया काम

    कई एनजीओ के साथ मिलकर किया काम

    एक तरफ जहां भाजपा ने रानी गैडिनलियू के सम्मान के नाम पर लोगों को लुभाने की कोशिश की तो दूसरी तरफ इस क्षेत्र में विकास की धीमी रफ्तार ने भी भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आरएसएस ने पूर्वोत्तर राज्यों में विकास की धीमी रफ्तार को मुद्दा बनाते हुए जमीन पर लोगो को भाजपा की ओर मोड़ने में अपनी पूरी ताकत झोंकी। आरएसएस ने यहां तमाम आदिवासी इलाकों में लोगों से संपर्क साधा। साथ ही यहां स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था वनवासी कल्याण आश्रम, सेवा प्रोजेक्ट को अपना समर्थन दिया और उनकी भरपूर मदद की।

    लोगों का विश्वास जीता

    लोगों का विश्वास जीता

    असम में भाजपा ने जिस तरह से शानदार जीत दर्ज की उसने यह साफ कर दिया था कि पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है, ऐसे में इस विश्वास को भाजपा ने मणिपुर के चुनाव में और मजबूत करते हुए यहां भी जीत दर्ज की। इसके बाद लगातार आरएसएस ने अपनी कोशिशे जारी रखी और ईसाई बाहुल्य इलाके नागालैंड, मैघालय में पार्टी को मजबूत करने का काम शुरू किया। जिसका पार्टी को जबरदस्त लाभ मिला और पहली बार भाजपा त्रिपुरा में सरकार बनाने जा रही है।

    मोहन भागवत ने भी झोंकी ताकत

    मोहन भागवत ने भी झोंकी ताकत

    नहालांकि आरएसएस खुद को गैर राजनीतिक संस्था बताती है, लेकिन आरएसएस के कार्यकर्ता भाजपा के लिए समर्थन जुटाने में अपनी पूरी ताकत झोंकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और उनके कैबिनेट के तमाम मंत्रियों ने पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा किया और कई अहम योजनाओं की घोषणा की। पिछले वर्ष दिसंबर माह में आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने यहां संगठन के कार्यों का जायजा लिया था। उन्होंने यहां गुवाहाटी में जनवरी माह में कार्यकर्ताओं के एक विशाल कार्यक्रम को भी संबोधित किया था। आरएसएस के प्रचारकों का दावा है कि इस कार्यक्रम में 5000 से अधिक स्वयंसेवकों ने संघ की पोशाक में हिस्सा लिया था, जिसने इस पूरे इलाके में संघ की मजबूती और उदय का साफ संकेत दिया था।

    पिछली सरकारों के खिलाफ चलाया अभियान

    पिछली सरकारों के खिलाफ चलाया अभियान

    इस क्षेत्र में काम कर रहे आरएसएस के संचालकों का कहा है कि हमारी अहम मुद्दा यहां यह था कि लोगों को इस बात की जानकारी दी जाए कि कैसे पिछली केंद्र सरकारों ने यहां की लोगों की अपेक्षा की। एक वरिष्ठ संघ प्रचारक का कहना है कि संघ इस इलाके में काफी सक्रिय है और वह यहां बच्चों की शिक्षा, आदिवासियों की उपेक्षा के खिलाफ लगातार काम करता रहा। हमने जिन मुद्दों को उठाया उन मुद्दों को भाजपा ने भी उठाया, जिसकी वजह से हमारी सोच में काफी समानता थी। हालांकि संघ चुनाव में भाजपा के लिए खुलकर सामने आकर प्रचार नहीं करता है, लेकिन संघ और भाजपा दोनों ही हिंदुत्व के लिए काम करते हैं, जिसका भाजपा का सीधे तौर पर फायदा होता है।

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    English summary
    How RSS make sure the great victory of BJP in Northeast state Tripura Nagaland. RSS has worked tirelessly in the region for the support of the people.

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