कैसे एनएसए अजित डोवाल ने पाकिस्तान पर बदली भारत की नीति
नई दिल्ली। बुधवार देर रात हुई सर्जिकल स्ट्राइक कोई मामूली बात नहीं है बल्कि यह इशारा उस एक नीति की ओर से जिसे केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के लिए बदल दिया है। पिछले वर्ष नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (एनएसए) अजित डोवाल ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) को पाक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया था।

पिछले हफ्ते तैयार हुआ था ब्लूप्रिंट
बुधवार को जो सर्जिकल स्ट्राइक हुई भारत ने उसकी तैयार पिछले हफ्ते कर डाली थी।उरी आतंकी हमले के बाद से ही सरकार पर दबाव था और डोवाल ने इंडियन आर्मी के लिए अगले एक्शन के लिए नई रणनीति तैयार की।
इस रणनीति के तहत इंडियन आर्मी को ऐसे एक्शन लेने थे कि वह 100 प्रतिशत सफल साबित हो और किसी भी तरह का कोई नुकसान न हो। डोवाल ने इंडियन आर्मी को संदेश दिया कि वह पूरे जोश में मिशन को अंजाम दे और सरकार का आर्मी को पूरा समर्थन है।
अमेरिका से आया फोन
वहीं इस सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी आने से कुछ मिनटों पहले ही खबर आती है कि अमेरिका की एनएसए सुसैन राइस ने भारत के एनएसए डोवालसे फोन पर बात हुई और उन्होंने उरी आतंकी हमले की निंदा की।
सुसैन राइस ने यह बात भी डोवाल से कही कि पाक को आतंकी अड्डों का खत्म करने के लिए और काम करना होगा।
अमेरिका ने नहीं की निंदा
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बयान जारी किया और उन्होंने भारत की ओर से हुई सर्जिकल स्ट्राइक की निंदा नहीं की। बल्कि किर्बी ने कहा कि उरी आतंकी हमला एक खतरनाक हमला है और आतंकवाद की हर स्वरूपों में निंदा होनी चाहिए।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। अमेरिका ने यह बयान दिया कि वह इस पूरे मामले में जरा भी हस्तक्षेप नहीं करेगा।
बीएसएफ को दिया संदेश
उनका मानना है कि भारत को पीओके में मौजूद आतंकी कैंप्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वह मानते हैं कि पाक के रवैये को उसी के अंदाज में जवाब देना होगा।
उन्होंने बीएसएफ को साफ कर दिया था कि अगर पाक की ओर से एक गोली चले तो बीएसएफ दो गालियों से जवाब दें। डोवाल फ्लैग मीटिंग्स के भी समर्थक नहीं हैं।
डोवाल के मुताबिक अगर भारत खुद को रोकने या नियंत्रित करने की नीति का पालन करेगा तो फिर सेनाओं का मनोबल गिरेगा।
पाक को लेकर डोवाल का आक्रामक रुख
डोवाल जब से देश के एनएसए बने हैं तब से ही उन्होंने यह बात साफ कर दी है कि पाक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने यह बात सुनिश्चित की है कि किसी भी आतंकी हमले के बाद पाक को बिना सजा दिए नहीं जाने देना चाहिए।
भारत पठानकोट आतंकी हमले के बाद से ही पाक से उम्मीद कर रहा था कि वह आतंक की फैक्ट्रियों पर लगाम लगाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कश्मीर में कई आतंकी हमले हुए और फिर उरी का आतंकी हमला पाक के लिए आखिरी मौका साबित हुआ। एनएसए डोवाल हमेशा से ही एक आक्रामक रक्षा नीति के पक्षधर रहे हैं।












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