• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सात साल में निर्भया के दोषियों ने तिहाड़ जेल में कमाए इतने लाख रुपए

|

नई दिल्ली। दिल्ली के निर्भया केस में चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी होने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन फांसी की तैयारी में जुट गया है। बताया जा रहा है कि जेल प्रशासन ने फांसीघर के अंदर फांसी का ट्रायल भी कर लिया है। बीते 7 जनवरी को डेथ वारंट जारी होने के बाद निर्भया के चारों दोषियों में से विनय शर्मा और मुकेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल की थी, जिसे ठुकरा दिया गया है। इसके बाद अब मुकेश ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजी है। तिहाड़ में सात साल रहने के दौरान जहां निर्भया के चारों दोषियों में से एक, मुकेश ने कोई काम नहीं किया, वहीं बाकी तीनों ने मिलकर मजदूरी करते हुए एक लाख से ऊपर रुपए कमाए।

तिहाड़ में कमाए 1 लाख 37 हजार रुपए

तिहाड़ में कमाए 1 लाख 37 हजार रुपए

तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, पिछले सात सालों में निर्भया के चारों दोषियों में से तीन ने जेल में काम करते हुए कुल 1 लाख 37 हजार रुपए की कमाई की। चारों दोषियों में से मुकेश ने जेल में अपने लिए कोई काम नहीं चुना, जबकि अक्षय ठाकुर ने मजदूरी करते हुए 69 हजार रुपए, पवन गुप्ता ने 29 हजार रुपए और विनय शर्मा ने 39 हजार रुपए कमाए। गौरतलब है कि चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी हो चुका है और चारों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी दे दी जाएगी।

ये भी पढ़ें- तिहाड़ जेल में भी जारी थीं निर्भया के दोषियों की 'गलत हरकतें', फांसी से ठीक पहले सामने आई बड़ी जानकारी

मेरठ का पवन जल्लाद देगा चारों को फांसी

मेरठ का पवन जल्लाद देगा चारों को फांसी

दिल्ली के बसंत विहार गैंगरेप मामले में चारों दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने की प्रक्रिया पिछले महीने ही शुरू हो गई थी। तिहाड़ जेल में कोई जल्लाद ना होने के चलते फांसी देने के लिए मेरठ के पवन जल्लाद से संपर्क साधा गया है। यूपी सरकार की तरफ से कहा गया है कि तिहाड़ जेल में फांसी देने के लिए पवन जल्लाद को दिल्ली भेजा जाएगा। चारों दोषियों को तिहाड़ में अलग-अलग कोठरी में रखा गया है और उनके ऊपर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। इसके अलावा बीते रविवार को तिहाड़ जेल के अंदर फांसी देने का ट्रायल भी पूरा किया गया। ऐसा पहली बार होगा, जब देश के अंदर किसी जेल में चार दोषियों को एक साथ फांसी दी जाएगी।

मुकेश ने दाखिल की राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका

मुकेश ने दाखिल की राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका

डेथ वारंट जारी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के नियमों के मुताबिक, चारों दोषियों के परिवार को फांसी से पहले दो बार उनसे मिलने की अनुमति दी गई है। जेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चारों दोषियों में से विनय शर्मा सबसे ज्यादा परेशान और चिंतित नजर आ रहा है। मंगलवार को उसके पिता ने भी उससे मुलाकात की थी। इससे पहले मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने विनय शर्मा और मुकेश सिंह की तरफ से दाखिल की गई क्यूरेटिव पिटिशन को ठुकरा दिया। इसके बाद मुकेश ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल की है।

7 साल बाद मिलेगा निर्भया को न्याय

7 साल बाद मिलेगा निर्भया को न्याय

गौरतलब है कि दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को अपने घर लौट रही 23 वर्षीय छात्रा से बस के अंदर गैंगरेप के मामले में 6 लोगों को दोषी ठहराया गया था। इस घटना के कुछ दिन बाद छात्रा की मौत हो गई और लोगों ने सड़कों पर उतरकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन किए। दोषी ठहराए गए 6 लोगों में से एक राम सिंह ने ट्रायल के दौरान तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी, जबकि एक दोषी नाबालिग था। तिहाड़ जेल प्रशासन ने चारों दोषियों को फांसी दिए जाने के सभी इंतजाम भी पूरे करने शुरु कर दिए हैं।

ये भी पढ़ें- अमिताभ की आंख में बना 'काला धब्बा', डॉक्टर से मिलने के बाद लिखी इमोशनल पोस्ट

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
How Much Rupees Nirbhaya Convicts Earned In Tihar Jail In Seven Years.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X