ओडिशा में अपने सहयोगियों को कितनी सीटें देगी कांग्रेस, अगले हफ्ते शुरू होगी बातचीत
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए ओडिशा में कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन इंडिया के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे पर जनवरी के दूसरे सप्ताह में बातचीत होगी। इस दौरान विधानसभा सीटों का भी ध्यान रखा जाएगा।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी 6 जनवरी से वामपंथी दलों (सीपीआई, सीपीएम) और जेएमएम के साथ बातचीत की तारीखों की घोषणा करेगी। गौरतलब है कि ओडिशा प्रभारी अजय कुमार 6 जनवरी से राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश की लीडरशिप से कहा है कि चुनाव नजदीक है, ऐसे में सीट बंटवारे पर जल्द से जल्द बातचीत शुरू कर इसे पूरा किया जाए। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी इंडिया गठबंधन के घटक दलों के लिए 15 से ज्यादा विधानसभा सीटें नहीं छोड़ना चाहती। वामपंथी दल प्रदेश में चुनावी तौर पर इतने मजबूत नहीं हैं कि पांच से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकें। झारखंड मुक्ति मोर्चा का आधार भी मयूरभंज तक ही सीमित है।
जहां तक लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के एडजस्टमेंट की बात है तो कांग्रेस अपने सहयोगियों के लिए तीन सीटें- भुवनेश्वर, अस्का और मयूरभंज छोड़ने को तैयार है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये संख्या कम तो हो सकती है, लेकिन सहयोगियों के लिए ज्यादा सीटें छोड़ने की कोई गुंजाइश नहीं है। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शरत पटनायक ने कहा कि सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू होने के बाद कांग्रेस इंडिया गठबंधन के घटक दलों के प्रस्तावों पर विचार करेगी। शरत पटनायक ने कहा कि पार्टी लोकसभा सीटों को सहयोगियों के लिए छोड़ने पर हर तरह से विचार करेगी और उसी आधार पर बातचीत आगे बढ़ेगी।












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