पाकिस्तान से रिहा होकर भारत आए चंदू चौहान, कैसे सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहुंचे थे पाकिस्तान
एक गलती की वजह से इंडियन आर्मी के सिपाही चंदू बाबू लाल चौहान को पाकिस्तान में चार माह तक रहना पड़ा। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गलती से एलओसी पार करने का खामियाजा भुगता सिपाही चंदू ने।
नई दिल्ली। पाकिस्तान ने शनिवार को अपने कब्जे में रखे इंडियन आर्मी के सिपाही चंदू बाबू लाल चौहान को भारत के हवाले कर दिया। उरी आतंकी हमले के बाद भारत ने 29 सिंतबर को पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की। इंडियन आर्मी की इसी सर्जिकल स्ट्राइक में चंदू गलती से लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार करके पाकिस्तान पहुंच गए थे।

क्या हुआ था सर्जिकल स्ट्राइक वाली रात
जो जानकारी इंडियन आर्मी की ओर से दी गई उसके तहत चंदूलाल अनजाने में सीमा पार कर गए थे। यह सिर्फ एक गलती थी। जिस दिन सर्जिकल स्ट्राइक हुई उसके बाद पाकिस्तानी सेना की ओर से सर्विलांस कई गुना तक बढ़ा दिया गया था। इस सर्विलांस की वजह से पाक सेना का लगा कि कोई घुसपैठ हुई और उन्होंने चंदूलाल को पकड़ लिया। चंदू लाल को पाकिस्तानी आर्मी के कैंप ले जाया गया। पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि चंदू उस कमांडो टीम का हिस्सा था जिसने एलओसी पार की। लेकिन इंडियन आर्मी ने कहा कि चंदू उस टीम का हिस्सा नहीं था। उसने सर्जिकल स्ट्राइक के कुछ घंटों बाद गलती से एलओसी पार कर ली थी। जिस समय चंदू ने एलओसी पार की उसके पास हथियार थे।
सर्जिकल स्ट्राइक से पहले ही आए थे कश्मीर
22 वर्ष के चंदू बाबूलाल चौहान महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। वर्ष 2012 में सीधी भर्ती प्रक्रिया के तहत वह इंडियन आर्मी में शामिल हुए थे। सर्जिकल स्ट्राइक के सिर्फ दो माह पहले ही वह कश्मीर वापस आए थे। चंदू के भाई भी सेना में हैं और इस समय जामनगर में पोस्टेड हैं। चंदू जब बच्चे थे तभी उनके माता-पिता का देहांत हो गया था। इसके बाद उनके दादा-दादी ने ही उनका पालन पोषण किया था। चंदू के एलओसी पार करके पाक जाने की खबर सुनते ही उनकी दादी का देहांत हो गया था। इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान से चंदू को सारी प्रक्रियाओं के तहत वापस करने की अपील की थी। शुरुआत में पाक ने इस बात को मानने से ही इंकार कर दिया था चंदू उनके कब्जे में है। लेकिन अक्टूबर में पाक डीजीएमओ ने इस बात की पुष्टि की थी उन्होंने एक भारतीय जवान को पकड़ा है।












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