कितनी पढ़ी लिखी हैं मोदी की मंत्री सावित्री ठाकुर, जो सही से नहीं लिख पाईं 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ', वीडियो वायरल
Union Minister Savitri Thakur: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और भाजपा नेता सावित्री ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के कैबिनेट की मंत्री सावित्री ठाकुर के शिक्षा और उनको मंत्रालय में शामिल किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
असल में हाल ही में सावित्री ठाकुर मध्य प्रदेश के धार जिले में शिक्षा जागरूकता अभियान के तहत पहुंची थीं। इस कार्यक्रम के दौरान सावित्री ठाकुर को स्कूल के व्हाइटबोर्ड पर हिंदी में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' लिखना था लेकिन वो सही से लिखने में विफल रहीं।

लिखना था 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', लिखा दिया- 'बेढी पडाओ बच्चाव...'
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सावित्री ठाकुर को व्हाइटबोर्ड पर हिंदी में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' लिखना था लेकिन उन्होंने 'बेढी पडाओ बच्चाव...।' लिखा था। यह घटना कैमरे में कैद हुई और गलत वर्तनी लिखने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
ये घटना मंगलवार (18 जून) को धार के एक सरकारी स्कूल में 'स्कूल चलो अभियान' के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर मुख्य अतिथि थीं।
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Savitri Thakur Education: कितनी पढ़ी लिखी हैं सावित्री ठाकुर?
सावित्री ठाकुर धार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। सावित्री ठाकुर मोदी कैबिनेट में पहली बार मंत्री बनाई गई हैं। सावित्री ठाकुर धार लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुकी हैं। उन्होंने 2014 और लोकसभा चुनाव 2024 में इस सीट से जीत हासिल की है।
चुनावी हलफनामे के मुताबिक सावित्री ठाकुर 12वीं पास हैं। अब सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि एक 12वीं पास महिला मंत्री अगर सही से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' भी नहीं लिख पाती हैं तो उनको मंत्री क्यों बनाया गया है।

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कांग्रेस के नेताओं ने भी सावित्री ठाकुर पर उठाए हैं सवाल
इस घटना के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने इसे "लोकतंत्र का दुर्भाग्य" बताया है। उन्होंने कहा है कि, ''संवैधानिक पदों पर बैठे लोग अपनी "मातृभाषा" में भी नहीं लिख सकते, तो वो कामकाज कैसे संभालेंगे। वे अपना मंत्रालय कैसे चला सकते हैं? चुनावों में उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय करने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए।''
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने कहा, "एक तरफ देश के नागरिकों के साक्षर होने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार लोगों में साक्षरता की कमी है। तो सच क्या है? यह किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है।"

मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार, जो धार से आदिवासी नेता हैं, उन्होंने वायरल वीडियो पर कहा, ''ये कैसा नेतृत्व ...?? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को अपनी सरकार में सिर्फ रबर स्टाम्प मंत्री ही चाहिए? जनप्रतिनिधि कैसा होना चाहिए इसका कोई मापदंड तो तय नहीं है, पर कम से कम उसे अक्षरज्ञान तो होना ही चाहिए! धार की सांसद और केंद्रीय मंत्रिमंडल में महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर तो दो शब्द भी नहीं लिख सकती! समझा जा सकता है कि बच्चों ने भी जब उन्हें गलत लिखते देखा होगा तो उनमें क्या भावना आई होगी! उनकी ये अज्ञानता केंद्र सरकार में कैसा नेतृत्व देगी, इसकी सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है। ऐसा जनप्रतिनिधि चुनने से पहले मतदाताओं को भी सोचना था!मोदी सरकार को भी पढ़े-लिखे नेता नहीं चाहिए जो सवाल उठाएं...क्योंकि, शिक्षा सिर्फ अक्षर ज्ञान ही नहीं कराती, समाज के उत्थान के प्रति सोच भी बदलती है।''
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा के धार अध्यक्ष मनोज सोमानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वायरल वीडियो को लेकर उनका गुस्सा उनकी "क्षुद्र और आदिवासी विरोधी सोच" का नतीजा है।
मनोज सोमानी ने कहा, "सावित्री जी की भावनाएं सही हैं। कांग्रेसी अपनी भावनाओं को सहीं नहीं रख पा रहे हैं। आदिवासी समाज एक आदिवासी महिला के अपमान को माफ नहीं करेगा।" उन्होंने कहा कि सावित्री ठाकुर की गलती स्कूल के कार्यक्रम में जल्दबाजी और उत्साह के कारण हुई और कांग्रेस "एक मासूम आदिवासी महिला के बढ़ते कद" को पचा नहीं पा रही है।












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