Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

नरेंद्र मोदी को दोबारा कैसे मिला इतना विराट मैनडेट? सामने आए आंखें खोल देने वाले आंकड़े

नई दिल्ली- नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) गुरुवार शाम पिछले कार्यकाल से कहीं ज्यादा बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। इसबार बीजेपी (BJP) के 303 सांसद ही नहीं जीते हैं, उसका सामाजिक और भौगोलिक जनाधार में भी जबर्दस्त विस्तार हुआ है। कई राज्यों में जहां पिछलीबार ही वह सारी सीटें जीत चुकी थी, इसलिए इसबार वहां सीटें बढ़ने की गुंजाइश बची ही नहीं थी। लेकिन, वहां उसके वोट शेयर ने रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है। जिन राज्यों में सीटें बढ़ने की गुंजाइश थी, वहां दोनों बातें हुई हैं। कुल मिलाकर यह देश के चुनावी राजनीति का इतना बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन (Transformation) है, जिसे को समझ ही नहीं पाया। हम यहां उन आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं, जो वोटरों के दिलों में मोदी की अंदर तक पैठ की कहानी बयां करती है।

11 राज्यों में परफॉर्मेंस के टूटे सारे रिकॉर्ड

11 राज्यों में परफॉर्मेंस के टूटे सारे रिकॉर्ड

नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और बीजेपी (BJP) के परफॉर्मेंस (performence) का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 303 सीटों में से 224 सीटें उसने 50% से ज्यादा वोट शेयर (Vote Share) के साथ फतह किया है। मसलन, गुजरात (Gujarat), राजस्थान (Rajasthan), दिल्ली (Delhi), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में उसने 2014 में सारी सीटें जीती थी, तो इसबार वहां सीटें नहीं बढ़ सकती थीं, इसलिए वोटरों ने पार्टी के वोट शेयर (Vote Share) में ही भारी बढ़ोतरी कर दी है। सीएसडीएस (CSDS) के डाटा एनालिसिस पर गौर करें, तो आलम ये है कि हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh- 4 Seat) में उसका वोट शेयर 2014 के 53.2% से बढ़कर ऐतिहासिक 69% तक पहुंच चुका है। इसी तरह गुजरात ( Gujarat- 26 Seat) में पार्टी का वोट शेयर 59% (2014) से 62.1% (2019), दिल्ली ( Delhi- 7 Seat) में 46.4% (2014) से 56.3% (2019), राजस्थान ( Rajasthan- 25 Seat) में 54.8% (2014) से 58.2% (2019) और उत्तराखंड ( Uttarakhand- 5 Seat) में 55.6% (2014) से बढ़कर 62.1% (2019) हो गया है। जबकि, पार्टी ने पिछलीबार की तरह यहां की सारी की सारी सीटों पर इसबार भी कब्जा किया है।

जबकि, कुछ राज्य ऐसे हैं जहां पार्टी के वोट शेयर भी बढ़े हैं और उसकी सीटें भी बढ़ी हैं। जैसे- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पार्टी का वोट शेयर 53.8% (2014) से बढ़कर 58% (2019) हो गया है और सीट भी 27 से बढ़कर 28 हो गई है। यही हाल असम (Assam), हरियाणा (Haryana) और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में भी हुआ है। असम में वोट शेयर 37.1% (2014) से बढ़कर 39.1% (2019) हो गया है और सीटें भी 7 से बढ़कर 9 हो गई हैं। हरियाणा में वोट शेयर 34.9% (2014) से बढ़कर 57.8% (2019)तक पहुंच चुका है और पार्टी ने पिछली बार की 7 सीटों से बढ़कर राज्य की सभी 10 सीटें जीत ली हैं। अरुणाचल प्रदेश की भी वही कहानी है, जहां पिछलीबार पार्टी को 45.5% (2014) वोट मिले थे, जबकि इसबार 57.9% (2019) मिले हैं और वह 1 सीट से बढ़कर राज्य की दोनों ही सीटें जीत गई है। अलबत्ता, जम्मू एवं कश्मीर (Jammu & Kashmir) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की कहानी थोड़ी अलग है। दोनों ही राज्यों में पार्टी का वोट शेयर तो बढ़ा है, जैसे जम्मू एवं कश्मीर में यह 21.1% (2014) से बढ़कर 27.6% पहुंच चुका है, लेकिन सीट पिछलीबार की तरह 3 ही रह गई है। जबकि, छत्तीसगढ़ में इसका वोट शेयर 49.7% (2014) से बढ़कर 50.2% तो हुआ है, लेकिन सीटें 10 से घटकर 9 हो गई है।

नए राज्यों में ऐसे कई गुना बढ़ा जनाधार

नए राज्यों में ऐसे कई गुना बढ़ा जनाधार

बीजेपी (BJP) ने नए राज्यों में अपना सपोर्ट बेस कैसे बढ़ाया है, इसके लिए पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों के आंखें फाड़े देने वाले आंकड़ों का विश्लेषण जरूरी है। जैसे- पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पार्टी का वोट शेयर 2014 के मुकाबले तकरीबन ढाई गुना बढ़ा है और सीटें 9 गुनी हो गई हैं। क्योंकि, पिछलीबार यहां पार्टी को केवल 17.2% वोट मिले थे, लेकिन इसबार यह आंकड़ा 40.2% तक पहुंच चुका है और सीटें 2 से बढ़कर 18 हो चुकी हैं। त्रिपुरा (Tripura) में पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ 5.8% वोट मिले थे, जो इसबार करीब 10 गुना बढ़कर 48.9% तक पहुंच चका है और सीटें 200 गुनी बढ़कर 2 हो गई हैं, क्योंकि 2014 में वह एक भी सीट यहां नहीं जीत पाई थी। यही हाल ओडिशा (Odisha) का है, जहां का वोट शेयर 21.3% से दो गुना से थोड़ा कम बढ़कर 38.3% हो गया है और सीटें 1 से बढ़कर 8 हो गई हैं। वहीं तेलंगाना (Telangana) में भी पार्टी का वोट से शेयर 11.2% (2014) से बढ़कर 19.8% (2019) हुआ है और सीटें 1 से चार गुनी बढ़कर 4 हो चुकी है।

इन राज्यों में भी जनाधार में भारी विस्तार

इन राज्यों में भी जनाधार में भारी विस्तार

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बीजेपी (BJP) की सीटें इसबार जरूर 71 से घटकर 62 रह गई है, लेकिन वोट शेयर 42% (2014) से बढ़कर 49.4% हो गया है। यह बढ़ोतरी महागठबंधन के बावजूद हुआ है, जिससे जाहिर है कि पार्टी ने नए सामाजिक वर्गों के अंदर भी अपनी पैठ बढ़ाई है। बिहार (Bihar) में पार्टी को 2014 में 29.8% वोट मिले थे, लेकिन इसबार यह 23.6% रहा है। इसका कारण ये है कि इसबार वो पिछलीबार से काफी कम यानी सिर्फ 17 सीटों पर ही चुनाव लड़ी। अलबत्ता वह सभी 17 सीटें जीत गई है, जबकि पिछलीबार वह ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़कर 22 सीटों पर जीती थी। बिहार में एनडीए (NDA) को 53.2% वोट मिले हैं। महाराष्ट्र (Maharashtra) में भी पार्टी का वोट शेयर बढ़कर 27.3% (2014 से बढ़कर), 27.5% (2019) हो गया है और पार्टी को 17वीं लोकसभा में भी 23 सीटें ही मिली हैं। वहीं झारखंड (Jharkhand) में भी पार्टी का वोट शेयर 43.4% (2014) से बढ़कर 51.8% (2019) हो चुका है, लेकिन उसकी एक सीट जरूर कम हो गई है। पिछले चुनाव में वह 12 सीटें जीती थी, लेकिन इसबार उसके खाते में सिर्फ 11 सीटें ही आई हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+