अमरनाथ यात्रा पर हमला: खौफनाक है दास्तां, बस पर हो रही थी गोलियों की बौछार
श्रीनगर। सोमवार रात जम्मू और कश्मीर में अमरनाथ तीर्थ यात्रियों की बस पर गोलीबारी करने वाले पांच आतंकवादी दो मोटरसाइकिलों में आए और उसका पीछा करते रहे। हाल के दिनों में सबसे खराब आतंकी हमलों में से एक सात तीर्थयात्रियों, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थी, उनकी कश्मीर में की मौत हो गई थी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मुनीर खान ने कश्मीर में कहा कि आतंकवादी हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा के नेतृत्व में पाकिस्तानी अबू इस्माइल का हाथ था। सूत्रों का कहना है कि हमले स्थल पर 100 से अधिक खाली कारतूस पाए गए, जो यह साबित करता है कि अमरनाथ यात्रा से लौटने वाले तीर्थयात्रियों के नरसंहार के लिए आतंकवादियों को तैयार किया गया था।
पेट्रोल पंप पर हुआ हमला
पुलिस और खुफिया एजेंसियों द्वारा इकट्ठा की गई जानकारी के अनुसार, बस को पहली बार क पेट्रोल पंप के पास हमला किया गया था। जब चालक सलीम ने बस के दाहिनी ओर गोलीबारी सुनी, तो वह 75 मीटर की दूरी पर एक ऑटो वर्कशॉप में चले गए।50 से अधिक बस यात्रियों की जिंदगी बचाने के लिए सलीम ने बस को तब तक नहीं रोका जब तक उसने एक सेना शिविर नहीं देखा।
अधिकारियों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान भारी सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण बस को अंधेरे के बाद यात्रा नहीं करना था लेकिन । चूंकि यह आधिकारिक यात्रा काफिले के साथ पंजीकृत नहीं था, बस में भी सामान्य पुलिस सुरक्षा भी नहीं थी। बता दें कि हमले के बाद मंगलवार सुबह जम्मू बेस कैंप से सुबह करीब 3.15 बजे 3000 श्रद्धालु पहलगाम के रुट से दर्शन के लिए रवाना किए गए थे। इस जत्थे में 1529 पुरुष, 537 महिलाएं और 250 साधु हैं।












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