संसद में गृह मंत्रालय का जवाब- पिछले 6 महीनों में चीन ने नहीं की कोई घुसपैठ
नई दिल्ली: लद्दाख में एलएसी पर पिछले चार महीने से तनावपूर्ण स्थित बनी हुई है। इस दौरान कई बार ये खबर आईं कि चीनी सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया। इसका मुद्दा संसद के मानसून सत्र में भी उठा, जिस पर गृह मंत्रालय ने चीन सीमा पर किसी भी तरह की घुसपैठ से इनकार किया है। हालांकि गृह मंत्रालय ने माना कि पाकिस्तान की ओर से अभी भी घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं।
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दरअसल राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल अग्रवाल ने सरकार से सवाल पूछा था कि क्या पिछले छह महीनों में पाकिस्तान और चीन सीमा पर घुसपैठ में बढ़ोतरी हुई है, जिस पर जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं हुई। वहीं पाकिस्तान की ओर से फरवरी से अब तक करीब 47 बार घुसपैठ के प्रयास किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से संसद में दिए गए बयान से सभी हैरान हैं, क्योंकि पिछले 4 महीने से LAC पर चीनी घुसपैठ की खबरें आ रही हैं। साथ ही कुछ सैटेलाइट इमेज में चीनी सेना के तंबू भी दिखे थे।
गृह मंत्रालय के मुताबिक घुसपैठ को रोकने के लिए केंद्र सरकार लगातार तत्पर हैं। इसके चलते सीमा पर जवानों की संख्या बढ़ाई गई और इंटेलिजेंस को भी मजबूत किया गया। साथ ही कई जगहों पर कटीले तारों को भी लगाया जा रहा है। सरकार ने साफ किया कि सेना और अन्य बलों की ओर से घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

क्या था राजनाथ का बयान?
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में माना है कि इस साल की स्थिति पूर्व में हुए टकरावों से बहुत अलग है। उन्होंने बताया कि मई माह की शुरुआत में चीन ने गलवान घाटी में भारतीय जवानों के सामान्य और पारंपरिक गश्त करने के तरीकों में रूकावट पैदा करने की कोशिश की थी। इसकी वजह से टकराव की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि हमने चीन को राजनयिक और सैन्य चैनल्स के माध्यम से यह अवगत करा दिया कि इस प्रकार की गतिविधियां, यथास्थिति को एकपक्षीय बदलने की कोशिश है। यह भी साफ कर दिया गया कि ये प्रयास हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है।
आधिकारिक तौर पर घुसपैठ क्या है?
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक घुसपैठ शब्द का ज्यादातर प्रयोग आतंकियों के लिए होता है। इसका मतलब है कि आपकी सीमा में दुश्मन घुस गया है और वो अंदर की ओर बढ़ रहा है, लेकिन चीन सीमा पर ऐसा नहीं है। सरकार का मानना है कि चीन ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल का उल्लंघन किया है। ऐसे में देखा जाए तो गृह राज्यमंत्री और रक्षामंत्री के बयान में अंतर नहीं है।












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