ओमिक्रॉन के फ्री टेस्ट के बहाने लोगों को अपने जाल में फंसा रहे साइबर अपराधी, एडवाइजरी जारी
नई दिल्ली, 31 दिसंबर: कोरोना वायरस के केस सभी राज्यों में फिर से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा ओमिक्रॉन वेरिएंट ने अलग से लोगों की टेंशन बढ़ा रखी है। इस बीच बहुत से अपराधी ऐसे भी हैं, जो मुश्किल वक्त में भी लोगों की मजबूरी का फायदा उठा रहे। जिसको लेकर अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है। साथ ही ओमिक्रॉन के साथ इन साइबर अपराधियों से भी बचने की अपील की।

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गृह मंत्रालय के मुताबिक ओमिक्रॉन के खतरे के बीच साइबर अपराधी भी सक्रिय हैं। वो लगातार कोविड मरीजों से संपर्क कर रहे, साथ ही उन्हें फ्री में ओमिक्रॉन वेरिएंट के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग करने का ऑफर दे रहे हैं। कोरोना पीड़ितों का ज्यादातर ध्यान अपने स्वास्थ्य पर रहता है, ऐसे में वो इनके बारे में ज्यादा पड़ताल नहीं कर रहे। कई बार साइबर अपराधी मरीजों को फ्री ओमिक्रॉन टेस्ट के नाम स्पैम लिंक या फिर कोई फाइल भेज रहे। इसमें ओमिक्रॉन वेरिएंट से जुड़ी जानकारी रहती है, लेकिन असल में ये लोगों को जाल में फंसाने का एक जरिया है।
मंत्रालय ने आगे कहा कि साइबर ठग सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं की नकल कर रहे हैं। ऐसे में जब भी आपके पास उनके मेल आएंगे, तो उसमें ऐसी जानकारी रहेगी, जो हूबहू सरकारी/निजी सेवाएं से मेल खाती होगी। ऐसे में कोई भी व्यक्ति धोखा खा सकता है। मंत्रालय ने कहा कि अगर आपके पास फ्री ओमिक्रॉन टेस्ट जैसा कोई भी मेल या मैसेज आए, तो उन पर प्रतिक्रिया ना दें। इसके अलावा अपने पास के साइबर सेल को सूचना दें।
डोमेन और यूआरएल की करें जांच
एडवाइजरी में कहा गया कि अगर आप बिना जांच के उनके मेल या मैसेज को खोलते हैं, तो वो आपकी बैंक डिटेल, पहचान आदि ले सकते हैं। जिससे आपको भविष्य में भी वित्तीय जोखिम उठाना पड़ सकता है। ऐसे में किसी मेल या वेबसाइट को खोलने से पहले उसके डोमेन और यूआरएल की जांच जरूर करें।












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