Hindenburg Report: हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर केंद्र पर निशाना, कांग्रेस कहा- SEBI ने क्यों नहीं दिखाई सक्रियता
अडानी ग्रुप को लेकर हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के ताजा आरोपों के बाद कांग्रेस ने केंद्र को निशाने पर लिया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinet) ने सवाल किया कि सुप्रीम कोर्ट के बार-बार आदेश के बावजूद सेबी ने जांच में सक्रियता नहीं दिखाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंडनबर्ग की ताजा रिपोर्ट ये बताती है कि मोदी सरकार ने सेबी की पारदर्शिता को नष्ट कर दिया है।
हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट का जिक्र करते हुए एक बयान में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत सेबी के साथ केंद्र पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "क्या अडानी मामले की जांच इसलिए नहीं की जा रही थी क्योंकि जिसे जांच करनी थी वह कथित घोटाले में शामिल था? सुप्रीम कोर्ट के बार-बार आदेश के बावजूद सेबी ने सक्रिय रूप से जांच नहीं की। इससे पूरी तरह से पारदर्शिता को नष्ट हुई है... यह सबसे बड़ी आपराधिक साजिश है... इस रिपोर्ट ने सेबी प्रमुख और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की ईमानदारी को उजागर और नष्ट कर दिया है।"

वहीं टीएमसी ने तृणमूल कांग्रेस ने सेबी प्रमुख को घेरा है। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट में उद्योगपति गौतम अदाणी पर भी निशाना साधा। उन्होंने इसे अदाणी स्टाइल बताते हुए आरोप लगाया कि सेबी चेयरमैन भी उनके समूह में निवेशक हैं। क्रोनी कैपिटलिज्म अपने चरम पर है। महुआ ने केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक को टैग कर सवाल किया कि क्या हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट आने के बाद POCA कानून और PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इससे पहले शनिवार को हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट प्रतिकया दी थी। उन्होंने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि सेबी ने अदाणी समूह की कंपनियों के विवरण मांगने वाले उनके पत्रों का जवाब क्यों नहीं दिया।












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