हिमाचल कांग्रेस में बगावत की आहट! CM सुक्खू के सामने क्यों पैदा हुई दोहरी चुनौती?
Himachal Pradesh Assembly Bypolls 2024: कांग्रेस ने देहरा विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है। लेकिन, इसकी वजह से कांग्रेस में बगावत की चिंगारियां भड़कने की आशंका पैदा हो गई है।
दरअसल, कांग्रेस ने सीएम की पत्नी को टिकट दिया है, जिसकी वजह से इसके संभावित दावेदार राजेश शर्मा की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में वे ही देहरा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी थे और निर्दलीय प्रत्याशी होशियार सिंह से मात्र 3,877 वोटों से चुनाव हारे थे।

सीएम की पत्नी को टिकट देने पर बगावत की आहट!
बुधवार को जिस तरह से डॉ. राजेश शर्मा ने इस मसले पर अपने समर्थकों के साथ चर्चा की है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि वह बगावत का बिगुल फूंक सकते हैं।
उन्होंने समर्थकों से कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें टिकट का भरोसा दिया था और यहां तक कि कैंपेन शुरू करने के लिए भी कहा था। लेकिन, आज उनका टिकट काट कर मुख्यमंत्री की पत्नी को प्रत्याशी बना दिया गया है।
सीएम की पत्नी के लिए टिकट काटे जाने से काफी आहत हैं राजेश शर्मा
टिकट कटने से वह इतने भावुक हो गए कि समर्थकों के सामने ही फूट-फूट कर रो पड़े। इस दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल तक में भर्ती करवाना पड़ गया। देहरा उपचुनाव के लिए शर्मा को शुरू से कांग्रेस के टिकट का मुख्य दावेदार माना जा रहा था। उन्होंने अपना प्रचार भी शुरू कर दिया था, लेकिन कमलेश ठाकुर को टिकट देकर पार्टी ने उन्हें पूरी तरह से मायूस कर दिया है।
देहरा सीट से दो बार के विधायक रहे हैं बीजेपी प्रत्याशी होशियार सिंह
2022 में देहरा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी होशियार सिंह चुनाव जीते थे। वे 2017 में भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार उपचुनाव में वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। जहां तक दो बार के विधायक के खिलाफ अपनी पत्नी को टिकट दिए जाने का सवाल है तो सीएम सुक्खू का कहना है कि वे नहीं चाहते थे कि कमलेश ठाकुर चुनाव लड़ें, लेकिन हाई कमान के आदेश को वे नहीं टाल सकते।
हिमाचल के सीए सुक्खू के सामने दोहरी चुनौती
इस तरह से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू को इस बार दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पहला ये कि अगर राजेश शर्मा ने विरोध की आवाज बुलंद की तो इस सीट पर कांग्रेस की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं।
दूसरी बड़ी चुनौती ये है कि जिस तरह से होशियार सिंह लगातार दो बार से यहां निर्दलीय चुनाव जीत रहे हैं, उससे इलाके के मतदाताओं पर उनकी पकड़ का अनुमान लगाया जा सकता है। 2022 में उन्होंने कांग्रेस को दूसरे और बीजेपी को तीसरे नंबर पर छोड़ा था। वहीं 2017 में वह बीजेपी प्रत्याशी से जीते थे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई थी।
सीएम सुक्खू की साख का सवाल
अबकी बार वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, इसीलिए उनकी उम्मीदवारी और भी ज्यादा मजबूत मानी जा रही है। खासकर इसलिए भी कि लोकसभा चुनावों में हिमाचल की सभी चारों सीटें फिर से बीजेपी जीत गई है। ऐसे में कमलेश ठाकुर को टिकट देकर कांग्रेस ने अपनी नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री की निजी प्रतिष्ठा को भी दांव पर लगा दिया है।












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