किडनी की कालाबाजारी का हाई-फाई कनेक्शन!
गुर्दों की खरीदफरोख्त....जी हां कई बार ऐसे सीन टीवी सीरियल्स में, मूवीज में हमने आपने देखे होंगे लेकिन हकीकत में ऐसी घटनाओं से शायद ही आप मुखातिब हुए हों। जी हां एक ऐसा ही मामला दिल्ली के एक शीर्ष अस्पताल से आया है। जहां पर इंसानियत की बोली लग गई और कीमत की वजह से सादे दस्तावेजों के सहारे कीमत लगाने की इजाजत दे दी गई।

ये है मामला!
दिल्ली के एक शीर्ष अस्पताल में कथित तौर पर प्राधिकारियों द्वारा सादे दस्तावेज में हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया गया है। जिन्हें गुर्दे की कीमत की हेराफेरी के लिए बाद में भरा जाना था। माना जा रहा है कि अवैध रूप से गुर्दे का प्रत्यारोपण करने की योजना बनाई जा रही थी। ये बात प्रशासनिक सूत्रों ने मीडिया से बातचीत में की।
कनेक्शन बड़े अस्पताल से
जांचकर्ताओं द्वारा किए गए दावों के बाद कहीं न कहीं पूरा राष्ट्र इस बात को जानकर सन्न सा रह गया है। अधिकारियों की मानें तो वे दस्तावेज में किए गए हस्ताक्षरों की पहले तो जांच करेंगे, जिसे कि दक्षिण पूर्वी दिल्ली के इंद्रप्रस्थ इलाके में एक बड़े अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर के निजी सहायक ने सौंपा था।
पैसे का लालच, किडनी का कारोबार
आपको बता दें कि इसी हफ्ते कोलकाता से टी राजकुमार राव को गिरफ्तार किया गया था, जो कि एक गैंग संचालित करता था, जिसके जरिए वो गरीबों को पैसे का लालच देकर किडनी खरीदता था। और ये गुर्दे भारत के धनी लोगों एवं विदेशियों को बेच दिए जाते थे।
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अपोलो अस्पताल के प्रबंधन का कहना है कि वह पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रहा है। जांचकर्ताओं का मानना है कि राजकुमार और उसके आदमियों ने जानकारी का इस्तेमाल, जाली दस्तावेजों के जरिए फार्म आदि भरने के लिए किया। जिसे कि आमतौर पर माना जाता है कि अस्पताल के अधिकारियों द्वारा किया जाता है। जिसकी वजह से संस्थान के
मेडिकल बोर्ड से मंजूरी मिल गई।
किसी की जरूरत, किसी का पेशा...मेरा देश है ऐसा
इस मामले के प्रकाश में आने के साथ ही लोगों में आक्रोश पैदा हो रहा है। साथ ही अवैध व्यापार एवं अंग प्रत्यारोपण के नियमों को सख्त करने के लिए आवाजें बुलंद हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने एक अन्य व्यक्ति की भी पहचान की है। जिसने चिन्हित आदमी से एक गुर्दे की खरीदफरोख्त की थी।
जानकारी के मुताबिक वह गाजियाबाद में मूल रूप से रहने वाले पेशे से सिविल इंजीनियर का पुत्र है। उसने राजकुमार के जरिए एक गुर्दे का प्रत्यारोपण कराया, जिसके लिए करीबन 25 लाख रूपये अदा किए गए। पुलिस एफआईआर के मुताबिक राजकुमार एक किडनी के बदले 25-30 लाख रूपये लेता था जबकि किडनी डोनेट करने वाले को इस रकम का दसवां हिस्सा ही मिलता था।
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