Heeraba Modi death: पीएम मोदी की मां उनके साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में क्यों नहीं जाती थीं?
Heeraben Modi Death: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का 30 दिसंबर की सुबह निधन हो गया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर सुबह 6 बजे इसकी जानकारी दी। पीएम मोदी की मां पिछले दो दिनों से अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती थीं।

Narendra Modi's mother Heeraben Modi death: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का शुक्रवार (30 दिसंबर) को अहमदाबाद में 100 साल की उम्र में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मां हीरा बा के 100वें जन्मदिन पर ''मां'' के नाम से एक ब्लॉग लिखा था। इस ब्लॉग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलासा किया था कि उनकी मां कभी भी उनके साथ सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रमों में क्यों नहीं जातीं। पीएम मोदी ने ब्लॉग में लिखा, ''जब आज लोग मां के पास जाकर पूछते हैं कि आपका बेटा पीएम है, आपको गर्व होता होगा, तो मां का जवाब बड़ा गहरा होता है। मां उन्हें कहती है कि जितना आपको गर्व होता है, उतना ही मुझे भी होता है। वैसे भी मेरा कुछ नहीं है। मैं तो निमित्त मात्र हूं। वो तो भगवान का है।''

'आपने भी देखा होगा, मेरी मां कभी किसी कार्यक्रम...'
पीएम मोदी ने ब्लॉग में आगे लिखा था, ''आपने भी देखा होगा, मेरी मां कभी किसी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में मेरे साथ नहीं जाती हैं। अब तक दो बार ही ऐसा हुआ है जब वो किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मेरे साथ आई हैं। एक बार मैं जब एकता यात्रा के बाद श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहरा कर लौटा था, तो अमदाबाद में हुए नागरिक सम्मान कार्यक्रम में मां ने मंच पर आकर मेरा टीका किया था। मां के लिए वो बहुत भावुक पल इसलिए भी था क्योंकि एकता यात्रा के दौरान फगवाड़ा में एक हमला हुआ था, उसमें कुछ लोग मारे भी गए थे। उस समय मां मुझे लेकर बहुत चिंता में थीं। तब मेरे पास दो लोगों का फोन आया था। एक अक्षरधाम मंदिर के श्रद्धेय प्रमुख स्वामी जी का और दूसरा फोन मेरी मां का था। मां को मेरा हाल जानकर कुछ तसल्ली हुई थी।''

'20 साल पहले आखिरी बार मां समारोह में आई थी'
पीएम मोदी ने ब्लॉग में आगे बताया, ''दूसरी बार वो (मां हीराबेन) सार्वजनिक तौर पर मेरे साथ तब आई थीं जब मैंने पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 20 साल पहले का वो शपथग्रहण ही आखिरी समारोह है, जब मां सार्वजनिक रूप से मेरे साथ कहीं उपस्थित रहीं हैं। इसके बाद वो कभी किसी कार्यक्रम में मेरे साथ नहीं आईं।''

पीएम मोदी ने एक और वाकया किया याद
पीएम मोदी ने ब्लॉग में आगे लिखा, ''मुझे एक और वाकया याद आ रहा है। जब मैं सीएम बना था तो मेरे मन में इच्छा थी कि अपने सभी शिक्षकों का सार्वजनिक रूप से सम्मान करूं। मेरे मन में ये भी था कि मां तो मेरी सबसे बड़ी शिक्षक रही हैं, उनका भी सम्मान होना चाहिए। हमारे शास्त्रो में कहा भी गया है माता से बड़ा कोई गुरु नहीं है- 'नास्ति मातृ समो गुरु'। इसलिए मैंने मां से भी कहा था कि आप भी मंच पर आइएगा। लेकिन उन्होंने कहा कि 'देख भाई, मैं तो निमित्त मात्र हूं। तुम्हारा मेरी कोख से जन्म लेना लिखा हुआ था। तुम्हें मैंने नहीं भगवान ने गढ़ा है।'। ये कहकर मां उस कार्यक्रम में नहीं आई थीं। मेरे सभी शिक्षक आए थे, लेकिन मां उस कार्यक्रम से दूर ही रहीं।''












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