Heatwave in India: सूरज की तपिश से जनता हलकान, सेहत सलामत रखने के लिए कुछ अहम बातें जानिए
Heatwave in India: सूरज की तपिश का एहसास अभी से ही होने लगा है। 9-10 बजते ही आसमान से अंगारे बरसने जैसी फीलिंग हो रही है। जानिए इस प्रचंड गर्मी के सीजन में सेहतमंद रहने के लिए क्या करें क्या न करें।

Heatwave in India: लगातार बढ़ रहा तापमान कई शहरों से चिंताजनक तस्वीरें दिखा रहा है। दरअसल, अप्रैल के दूसरे ही हफ्ते में मौसम इतना गर्म हो गया है कि घरों की छतों पर रखी टंकियों का पानी भी सुबह के 10-11 बजते-बजते गुनगुने हो जा रहे हैं।
बिहार, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में गर्मी के कहर की खबरें हैं। लगातार बिगड़ते मौसम और बढ़ते तापमान के बीच ये जानना काफी जरूरी है कि भीषण गर्मी और लू के बीच सेहत कैसे सलामत रखें। जानिए कुछ प्रमुख बातें-
गर्मी के मौसम में सेहत न बिगड़े इसका सबसे बुनियादी फॉर्मूला है, शरीर में पानी की कमी न होने देना। इसके अलावा अत्यधिक गर्म तापमान और लू का मुकाबला करने के लिए धूप में निकलने से बचने का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
नौकरीपेशा और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों के लिए ये सीजन काफी चुनौतीभरा होता है। इस सीजन में जहां भारी काम से ब्रेक बेहद जरूरी है, इन लोगों को लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है। हालांकि, सेहत सलामत रहे, इस पर काम कराने वाले भी जोर देते हैं। ऐसे में लगातार काम से ब्रेक जरूर लें।
एक पुरानी कहावत है, सर सलामत तो सल्तनत हजार, यानी आप ठीक, सुरक्षित और सेहतमंद रहें तो कई ऐसी चीजें अचीव की जा सकती हैं, जिसका आप ख्वाब देखते हैं। ऐसे में गर्मी के सीजन में खान-पान का भी ध्यान रखना काफी जरूरी है।
इसी गर्मी में रमजान रे रोजे भी रखे जा रहे हैं। रमजान के अंतिम हफ्ते में 16 घंटे तक बिना पानी के रहने वाले रोजेदारों को शरीर का खास ध्यान रखना चाहिए। रोजेदारों के लिए रेसिपी भी शेयर की जाती हैं, जिनका सेवन करने पर शरीर डिहाइड्रेट नहीं होता।
गर्मी से बचाव के घरेलू उपायों में सबसे जरूरी है लिक्विड डायट। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में रहने वाले लोग भी अक्सर जूस पीते हैं, इससे शरीर को पोषण और ठंडक दोनों मिलती है। बेल का शर्बत, कच्चे आम का पन्ना प्रमुख हैं।
बिहार-यूपी की तरफ भुने हुए चने से बना सत्तू भी गर्मियों में रामबाण है। छाछ, लस्सी जैसी चीजों का इस्तेमाल भी भरपूर होता है। ऐसे पेय पदार्थों का इस्तेमाल करने के साथ प्याज का इस्तेमाल भी फायदेमंद है। इससे शरीर बेहतर तरीके से बाहरी तापमान का मुकाबला करता है।
इस सीजन में नवजात और दुधमुंहे बच्चों की सेहत भी परेशान कर सकती है। अचानक गर्मी और अचानक सर्दी के कारण मासूमों की बॉडी अडजस्ट नहीं कर पाती। ऐसे में इन्हें अकेला छोड़ना खतरे से खाली नहीं।
इंसानों के साथ पालतू जानवरों की भी खास केयर करनी पड़ती है। अगर आप इनके साथ कहीं बाहर जा रहे हैं तो ध्यान रखें कि इन्हें चार पहिया गाड़ियों के भीतल लॉक न किया जाए। दम घुटने के कारण अनहोनी हो सकती है।

आपके आसपास रहने वाले सीनियर, बुजुर्ग और पड़ोसियों की सेहत ठीक है, इसकी जानकारी रखना भी जरूरी है। सतर्क नागरिकों के रूप में ऐसे लोग गर्मी के सीजन में सेहतमंद रहें, नियमित अंतराल पर इस बात की जानकारी जरूर लेते रहें।
किसी भी गड़बड़ी की आशंका पर डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें। खुद से ढेर सारी दवाएं खाने से बचें और सुनिश्चित करें की लू लगने पर आप ओआरएस जैसे तरल पर्याप्त मात्रा में लेते रहे। इससे शरीर बिल्कुल असहाय नहीं होगा और रिकवरी तेजी से होगी।












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