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Max Hospital Shalimar Bagh: मैक्स अस्पताल में 58 साल के मरीज की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

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नई दिल्ली। अव्यवस्था की वजह से एक बार फिर से शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल सुर्खियां बना है, यहां एक 58 साल के व्यक्ति की मौत डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से हो गई, व्यक्ति को सीने में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि जिस सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट से इलाज कराने आए थे, उनके छुट्टी पर होने की जानकारी  हमें नहीं दी गई और मरीज को भर्ती कर लिया गया और सीनियर डाक्टर के बदले जूनियर डॉक्टर ने उपचार शुरू किया और यही नहीं परिजनों की इजाजत के बिना ही जूनियर डॉक्टरों ने मरीज के हृदय में तीन स्टेंट डाल दिए, जिसके दस मिनट बाद ही मरीज ने दम तोड़ दिया।

मैक्स अस्पताल में 58 साल के मरीज की मौत, मचा हंगामा

परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई, पुलिस को भी बुलाया गया, जिसने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट के बारे में सच नहीं बताया

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतक की बेटी ने कहा कि उसके पिता को सोमवार दिन में सीने में अचानक दर्द उत्पन्न हुआ था, हम लोग घबराकर उन्हें पास के अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने देखते ही बोला कि ये हार्ट अटैक है और उन्होंने मैक्स अस्पताल के एक सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट के पास हमें रेफर कर दिया। हम यहां आए लेकिन हमें ये नहीं बताया गया कि सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट अस्पताल में नहीं हैं, हमने पापा को एडमिट कर दिया।

हृदय में तीन स्टेंट डाले वो भी बिना अनुमति के

उनकी एंजियोग्राफी की गई और बताया गया कि उनकी बाईपास सर्जरी करनी होगी। इसके लिए आठ लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा गया। इसके कुछ देर के बाद एक डॉक्टर ने तीन लाख रुपये का बिल बताते हुए कहा कि मरीज की एंजियोग्राफी करते समय हृदय में तीन स्टेंट डाले गए हैं, अभी हम कुछ समझ पाते कि खबर आ गई कि मेरे पापा अब नहीं रहे। इनका आरोप है कि अस्पताल ने इन्हें पूरी जानकारी नहीं दी।

अस्पताल का पक्ष 

जबकि अस्पताल का कहना है कि ये मरीज इमेरजेंसी में आया था, उन्हें अटैक पड़ा था, एंजियोग्राफी से पता चला कि उनकी तीन आर्टरी में ब्लॉकेज है इसलिए हमें ऑप्रेशन करना पड़ा, हमने तीन स्टेंट डाले। मरीज की उम्र 58 साल थी और उन्हें डायबिटीज व हाइपरटेंशन था, वह धूमपान भी करते थे। हमने पूरी कोशिश की उन्हें बचाने की लेकिन असफल रहे, हमने किसी को धोखा नहीं दिया है, हमने सारे नियम कानून के तहत ही सारी प्रक्रियाएं पूरी की हैं। गौरतलब है कि अभी पिछले महीने की 30 नवंबर को अस्पताल ने एक जिंदा नवजात को मृत बता दिया था, जिस पर भी काफी हंगामा मचा था।

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English summary
The family of a 58-year-old man, who visited Max hospital, Shalimar Bagh, for the treatment of a heart condition, has alleged that he died on Monday because of the hospital’s negligence.
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