BJP के लिए हरियाणा विधानसभा चुनाव की राह कठिन क्यों है? लोकसभा चुनाव से मिले संकेत
Haryana Vidhan Sabha chunav: हरियाणा में इस बार के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी को बराबर यानी 5-5 सीटें मिली हैं। 2019 के मुकाबले सत्ताधारी भाजपा को 5 सीटों का नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन 10 वर्षों की एंटी-इंकंबेंसी के बावजूद वह आधी सीटें जीतने में सफल रही है।
लेकिन, अगर लोकसभा चुनावों का हम और ज्यादा गहन विश्लेषण करें तो केंद्र की तरह लगातार हरियाणा में सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा को कड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है। पार्टी पहले ही कह चुकी है कि विधानसभा चुनाव भी वह अकेले अपने दम पर ही लड़ेगी।

हरियाणा में बीजेपी को 44 असेंबली सीटों पर बढ़त
हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों के दायरे में राज्य की 90 विधानसभा सीटें हैं। इसमें बहुमत के आंकड़े के लिए कम से कम 46 सीटों की आवश्यकता है।
लेकिन, 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को इनमें से सिर्फ 44 सीटों पर ही बढ़त मिली है। वहीं कांग्रेस 42 और इंडिया ब्लॉक में उसकी सहयोगी आम आदमी पार्टी 4 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही है।
इंडिया ब्लॉक को बीजेपी के मुकाबले बढ़त
इसका अर्थ ये हुआ कि अगर हरियाणा विधानसभा चुनाव तक राज्य में यही वोटिंग पैटर्न रहा तो त्रिशंकु विधानसभा की संभावना बन सकती है और कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के हाथ मिलाने पर पलड़ा उनकी तरफ अभी की स्थिति में झुकने की संभावना रहेगी।
बीजेपी के वोट शेयर में करीब 12% की गिरावट
भाजपा के लिए इस चुनाव में परेशानी यह भी दिखी है कि पिछली बार की तरह सिर्फ उसकी सीटें ही कम नहीं हुई हैं, उसके वोट शेयर में भी करीब 12% की गिरावट आई है। वहीं कांग्रेस का आम आदमी पार्टी से गठबंधन के बाद वोट शेयर 5 वर्षों बाद 28.51% से 43.67% तक पहुंच गया है।
आम आदमी पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर सिर्फ एक सीट पर लड़ी थी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली है। लेकिन, उसका वोट शेयर भी 0.36% से बढ़कर 3.94% पहुंचा है। वहीं हाल तक राज्य की बीजेपी सरकार में भागीदार रही दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) का वोट शेयर भी मात्र 0.87% रहा है, जबकि 2019 में उसे 4.9% वोट मिले थे।
आईएनएलडी और जेजेपी को किसी सीट पर बढ़त नहीं
जबकि, इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) का वोट शेयर इसबार 2019 के 1.9% के मुकाबले 1.74% रहा है। इन दोनों क्षेत्रीय दलों को राज्य की किसी भी विधानसभा सीट पर बढ़त भी नहीं मिली है।
करनाल की सभी सीटों पर भाजपा को बढ़त
2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने प्रदेश की सात लोकसभा सीटों में तो सारी विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई थी। लेकिन, इस बार सिर्फ करनाल में उसे सभी सीटों पर बढ़त मिली है, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर चुनाव जीते हैं।
वहीं, कांग्रेस को रोहतक और सिरसा लोकसभा की सभी विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली है। रोहतक से पूर्व कांग्रेसी सीएम भूपेंद्र हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा चुनाव जीते हैं तो सिरसा से पार्टी की बड़ी नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुमार सैलजा को जीत मिली है।
2019 में बीजेपी जीती थी सिर्फ 40 सीट
2019 के हरियाणा विधानसभा में भी त्रिशंकु विधानसभा बनी थी। 90 सीटों में से बीजेपी को सिर्फ 40 सीटें मिली थीं। वहीं कांग्रेस को 31 सीटें आई थीं। जबकि, जननायक जनता पार्टी ने 10 सीटें जीतकर किंगमेकर की भूमिका निभाते हुए भाजपा की सरकार बना दी थी। 1 सीट आईएनएलडी और 7 सीटें निर्दलीयों के खाते में गई थी।












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