दुर्लभ रोग राष्ट्रीय नीति 2021 को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी मंजूरी, इलाज के लिए मिलेंगे 20 लाख रुपये
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्स मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने जानकारी देते हुए कहा कि 30 मार्च को 'दुर्लभ रोगों के लिए राष्ट्रीय नीति 2021' को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि अब इस स्कीम के तहत गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के उपचार के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि के तहत मदद के नाम पर 20 लाख रुपए देने का प्रावधान है।

आपको बता दें कि असामान्य या दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीज अब आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत एक बार इलाज के लिए पात्र होंगे। वित्तीय सहायता के लाभार्थी केवल BPL परिवार के ही नहीं होंगे बल्कि यह सहायता उस आबादी के लगभग 40 फीसदी तक विस्तारित होगी, जो PMJAY के 23 नॉर्म्स के तहत केवल सरकारी टर्शियरी हॉस्पिटल्स में इलाज के लिए पात्र हैं।
तीन हिस्से में बांटी गई हैं दुर्लभ बीमारियां
- डिसऑर्डर्स एम्नेबल टू वन टाइम क्यूरेटिव ट्रीटमेंट
- लॉन्ग टर्म या लाइफ लॉन्ग इलाज वाली असामान्य बीमारियां
- ऐसी असामान्य बीमारियों का जिनके लिए डेफिनिटिव ट्रीटमेंट उपलब्ध है लेकिन लाभ के लिए मरीज का चुनाव करना एक चुनौती है।
- भारत में पाए जाने वाले सबसे दुर्लभ बीमारी
भारत में पाए जाने वाले सबसे दुर्लभ बीमारी
- पोम्पे डिजीज
- हिर्स्चप्रंग रोग
- गौचर की बीमारी
- सिस्टिक फाइब्रोसिस
- हेमांगीओमास
- मस्कुलर डिस्ट्रोफी












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