Haj 2023 पर रवाना हुआ 381 यात्रियों का पहला जत्था, Mahram के बिना पहली बार 4314 महिलाएं,VIDEO
Haj 2023 कई मायनों में खास है। पहली बार 4314 महिला यात्रियों को बिना महरम के हज पर जाने का मौका मिल रहा है। सरकार का मानना है कि ये महिला सशक्तिकरण की मिसाल है।

Haj 2023 के लिए रवानगी की शुरुआत हो चुकी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 381 हज यात्रियों का पहला जत्था रविवार आधी रात के बाद रवाना हुआ। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और दिल्ली के उपराज्यपाल ने हज यात्रियों को विदा किया।
भारत से 381 हज यात्रियों का पहला जत्था पवित्र तीर्थ यात्रा के लिए रविवार देर रात इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से सऊदी अरब के लिए रवाना हुआ। हाजियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद केंद्रीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी काफी उत्साहित दिखीं।
लेखी ने कहा, "पहली बार, 4,314 महिलाएं बिना महरम के हज के लिए जा रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने हाजियों के लिए अच्छी व्यवस्था की है।
उपराज्यपाल ने कहा कि अकेले दिल्ली से इस साल करीब 2600 लोग हज यात्रा पर जा रहे हैं। हज यात्रियों के पहले जत्थे की रवानगी के मौके पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की स्मृति ईरानी भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी हाजियों को बधाई के साथ सुखद और यादगार यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
भारत में सऊदी राजदूत शाकली बिन ईद अल हुसैनी, दिल्ली हज कमेटी के अध्यक्ष कौशर जहां समेत कई अन्य लोग भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। हाजियों को माला पहनाकर विमान में बोर्डिंग के लिए भेजा गया।
गौरतलब है कि दिल्ली हज समिति ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने की पहल की है। इसके लिए विशेष शिविर सहित कई प्रयास किए जा रहे हैं।
हज यात्रा से जुड़े खास बंदोबस्त के बारे में समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, एक सूत्र ने बताया, "दिल्ली से यात्रा करने वालों के लिए शारीरिक फिटनेस पर ध्यान देने के साथ एक विशेष शिविर आयोजित किया गया। योग आसन सहित प्रशिक्षण प्रदान करने वाले प्रशिक्षकों ने हाजियों को मौसम में बदलाव के दौरान सेहत ठीक रखने के टिप्स दिए।"
दिल्ली हवाई अड्डे पर भीड़भाड़ के कारण हाजियों को परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए हवाईअड्डे के बजाय हज मंजिल (Haj Manzil) पर रुकने का इंतजाम किया गया है। तीर्थ यात्रा के लिए निर्धारित दिन विमान तक जाने के लिए बसों से एयरपोर्ट ड्रॉप किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, चिकित्सकों तक आसानी से पहुंचने के इंतजाम भी किए गए हैं। जरूरी चिकित्सा प्रमाणपत्र देने के लिए कुछ डॉक्टरों को भी हज मंजिल में रखा गया है। विदेशी मुद्रा एक्सचेंज की जरूरत होने पर बैंकिंग काउंटर भी स्थापित किया गया है।
हज यात्रियों में वरिष्ठ नागरिकों को बोर्डिंग गेट तक ले जाने की भी विशेष व्यवस्था की गई है। सूत्रों के मुताबिक हज यात्रियों को बोर्डिंग गेट तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष मार्ग बनाया जाएगा।
हज के लिए और महरम के बिना यात्रा करने वाली महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के बारे में रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल 39 महिलाएं दिल्ली से अकेले यात्रा कर रही हैं।
बता दें कि महरम पुरुष सह यात्री को कहा जाता है। कुछ इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को गैर मर्द या अकेले हज का सफर करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन इस साल से महरम का प्रावधान खत्म कर दिया गया है।
हज में महरम चर्चा का कारण क्यों
सरकार के अनुसार, इस साल राष्ट्रीय राजधानी से वार्षिक तीर्थयात्रा- हज के लिए 22,000 से अधिक लोग यात्रा करेंगे। समाचार एजेंसी एएनआई ने विगत मार्च में बताया था कि हज यात्रा के इतिहास में पहली बार 4,314 महिलाओं ने 'महरम' यानी पुरुष अभिभावक या सहयात्री के बिना तीर्थ यात्रा पर जाने के लिए आवेदन किया है।
सऊदी अरब सरकार ने अक्टूबर में घोषणा की कि महरम - एक पुरुष रिश्तेदार जिसका महिला के साथ ब्लड रिलेशन हो और जिसके साथ शादी की अनुमति नहीं है - उसे अब महिला तीर्थयात्री के साथ जाने की जरूरत नहीं। फरमान दुनिया के किसी भी हिस्से से हज करने वाली महिलाओं पर लागू होगा।
हज यात्रा से जुड़ी रिपोर्ट्स में मई महीने की शुरुआत में, सूत्रों ने कहा कि जब पीएम मोदी के कार्यकाल में हज यात्रियों की सुविधा के लिए ढेरों इंतजाम हुए हैं। मोदी सरकार ने हज सब्सिडी को खत्म कर उस पैसे का उपयोग बालिकाओं की शिक्षा के लिए करने का ऐलान भी किया है।












Click it and Unblock the Notifications