ओवैसी बोले- Gyanvapi Shringar Gauri केस में कोर्ट का फैसला आस्था आधारित, हाईकोर्ट में चैलेंज करें
Gyanvapi Shringar Gauri dispute में लोअर कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चैलेंज किया जाना चाहिए। ये कहना है ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी का। Gyanvapi Shringar Gauri dispute owaisi
नई दिल्ली, 12 सितंबर : Gyanvapi Shringar Gauri dispute पर वाराणसी की अदालत ने आस्था पर आधारित फैसला सुनाया है। ये कहना है ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी का। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं को इस मामले में लोअर कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चैलेंज करना चाहिए।
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'आस्था आधारित' फैसला, देश में समस्याएं पैदा होंगी
एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने वाराणसी की अदालत के फैसले के बाद कहा, अदालत के इस फैसले के बाद अस्थिरता का असर (destabilising effect) शुरू होगा। उन्होंने कहा, हम उसी रास्ते पर जा रहे हैं जिस रास्ते पर बाबरी मस्जिद का मुद्दा था। जब बाबरी मस्जिद पर फैसला दिया गया था, तो मैंने सभी को आगाह किया था कि इससे देश में समस्याएं पैदा होंगी क्योंकि यह फैसला आस्था के आधार पर दिया गया।
कहां गया 1991 के कानून का उद्देश्य ?
ओवैसी ने कहा, वाराणसी के Gyanvapi Shringar Gauri dispute पर लोअर कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी इस आदेश के खिलाफ अपील करेगी।' बकौल ओवैसी, ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी विवाद पर निचली अदालत ने जिस तरह का फैसला सुनाया है, उनका मानना है कि इस आदेश के बाद पूजा स्थल अधिनियम 1991 का उद्देश्य विफल हो जाएगा।












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