पी चिदंबरम ने गुजरात चुनाव में कांग्रेस की रणनीति पर उठाए सवाल, 'साइलेंट' प्रचार पर ये बोले
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गुजरात में साइलेंट प्रचार वाली कांग्रेस की रणनीति पर असहमति जताई है। इसके साथ ही उन्हें लगता है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी के चलते कांग्रेस 33 सीटें हारी है।

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने गुजरात चुनाव में कांग्रेस की ओर से अपनाई गई साइलेंट प्रचार रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है गुजरात की हार से पार्टी को सबक सीखनी होगी। उन्होंने साफ तौर पर यह कहकर पार्टी की रणनीति पर ही सवाल खड़े किए हैं कि ऐसे कड़े मुकाबलों में साइलेंट प्रचार अभियान जैसा कुछ नहीं होता। इसके साथ ही उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में आम आदमी पार्टी पर उसी तरह पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है, जैसा कि कथित तौर पर उसने गोवा और उत्तराखंड में किया था।

बीजेपी दो जगह हारी- चिदंबरम
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह कहकर तंज कसने की कोशिश की है कि उन्हें यह तथ्य पता होना चाहिए कि बीजेपी गुजरात, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली नगर निगम तीनों जगह पर सत्ता में थी, लेकिन दो जगहों पर उसे हार मिली है। चिदंबरम के दावे के मुताबिक, 'बीजेपी के लिए यह बहुत बड़ा झटका है। गुजरात में जीत महत्वपूर्ण तो है ही, लेकिन बीजेपी इस तथ्य से नहीं बच सकती कि हिमाचल प्रदेश और एमसीडी में उसे करारी हार मिली है।' उनका कहना है कि हिमाचल में कांग्रेस और एमसीडी आम आदमी पार्टी ने सीटों के मामले में काफी मार्जिन हासिल की है।

कुल वोट शेयर में कम अंतर से मतलब नहीं- कांग्रेस नेता
पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना है, 'हिमाचल में वोटों का कुल अंतर भले ही कम हो, लेकिन यह राज्य स्तर पर कोई राष्ट्रपति चुनाव की तरह का चुनाव नहीं था। यह क्षेत्र के हिसाब से चुनाव था और हमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मार्जिन देखना होगा।' उनका कहना है 'कांग्रेस ने जो 40 सीटें जीती हैं, उसमें से कई पर मार्जिन बहुत ज्यादा है। निर्वाचन क्षेत्र-वार चुनाव और राज्यव्यापी मार्जिन की तुलना अनुचित है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हिमाचल में कांग्रेस और भाजपा में एक फीसदी से भी कम वोट के अंतर की बात कहे जाने पर यह टिप्पणी की है।

'गुजरात से बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं'
जब उनसे गुजरात में कांग्रेस की करारी हार और साइलेंट प्रचार की रणनीति के बारे में पूछा गया तो कहा कि उन्हें इसकी बहुत जानकारी नहीं है। साथ ही वे बोले कि 'मुझे लगता है कि कांग्रेस को गुजरात से बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं। वैसे सामान्य नियम के रूप में मेरा विश्वास ये है कि हर चुनाव को पार्टी को बेहतर तरीके से लड़ना चाहिए और सभी उपलब्ध संसाधनों को लड़ाई लगाना चाहिए, जैसे कि मानवीय, सामग्री और डिजिटल....' उनका कहना है कि गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमिटी को देश में उपलब्ध पार्टी के सभी संसाधनों को लगाना चाहिए था।
'गुजरात की हार से सबक सीखने की जरूरत है'
इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट तौर पर पार्टी की रणनीति पर यह कहकर सवाल उठा दिया है कि 'मेरा यह भी विश्वास है कि कठिन मुकाबले वाले चुनावों में 'साइलेंट' प्रचार जैसी कोई चीज नहीं होती। गुजरात की हार से सबक सीखने की जरूरत है।' ऐसा कहा जाता है कि गुजरात में कांग्रेस ने इस बार प्रचार का स्तर ज्यादातर स्थानीय मुद्दों पर ही सीमित रखा था और पार्टी के नेता वोटरों से जाकर मिल रहे थे।
गुजरात में AAP की वजह से 33 सीटें हारे- कांग्रेस नेता
चिदंबरम का कहना है कि 'गुजरात में आम आदमी पार्टी ने उसी तरह कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है, जैसा वह पहले गोवा और उत्तराखंड में कर चुकी है। गुजरात में आम आदमी पार्टी ने 33 सीटों पर कांग्रेस का मौका खराब किया है।' हालांकि, आम आदमी पार्टी ने गुजरात में करीब 12फीसदी वोट हासिल किए हैं, लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता को यकीन है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली के अलावा हरियाणा और पंजाब में ही थोड़ी-बहुत प्रभावी है। उनका यह भी मानना है कि अरविंद केजरीवाल के दल के राष्ट्रीय पार्टी बनने से कांग्रेस की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।












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