Gujarat Election 2022: बीजेपी के उम्मीदवारों की लिस्ट, जो 2017 में नहीं हुआ वह अब हो गया, जानिए कैसे

Gujarat BJP Candidate list 2022: गुजरात में बीजेपी की ओर से जारी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में एक बहुत बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। पार्टी ने युवा उम्मीदवारों पर ज्यादा फोकस किया है और 50 से ज्यादा उम्र के नेताओं को कम टिकट दिया है। 2017 के मुकाबले बीजेपी की इसबार की लिस्ट बहुत ही युवा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि ऐसे प्रत्याशियों पर दांव लगाएं जो ऐक्टिव हों, जिनकी क्षेत्र में मौजूदगी हो और वे जनता के बीच लोकप्रिय हों। क्योंकि, गुजरात में बीजेपी के लिए किसी भी तरह का जोखिम लेना मुमकिन नहीं है। यहां हुई जरा सी भी चूक का प्रभाव कहीं ज्यादा विशाल हो सकता है।

पांच साल में 60 से 50 हो गई उम्मीदवारों की औसत उम्र

पांच साल में 60 से 50 हो गई उम्मीदवारों की औसत उम्र

बीजेपी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए 182 में से 160 उम्मीदवारों की जो पहली लिस्ट गुरुवार को जारी की है, उनमें लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता, उम्मीदवारों की ओर से जमीन पर किया गया काम, उनकी जीतने की क्षमता और युवा जोश को प्रधानता दी जानी थी। लिस्ट में स्पष्ट कोशिश की गई है कि 2017 के चुनावों के मुकाबले युवाओं को ज्यादा से ज्यादा तबज्जो दी जाए। भाजपा के 160 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में 11 की उम्र 40 साल से भी कम है। जबकि, 53 उम्मीदवारों की उम्र 50 साल से कम है। एक सूत्र ने एएनआई से कहा है कि जो 2017 में संभव नहीं हुआ था, वह 2022 में हो रहा है। उसने कहा, '2017 में उम्मीदवारों की जो औसत उम्र 60 वर्ष थी, वह अब घटाकर 50 कर दी गई है।'

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    इस वजह से भाजपा ने युवाओं को दिया टिकट

    इस वजह से भाजपा ने युवाओं को दिया टिकट

    इस लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल जैसे नेताओं का नाम नहीं है, जिन्होंने पार्टी नेतृत्व को पहले ही लिखकर चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई थी। गुजरात में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने की संभावना लग रही है, क्योंकि आम आदमी पार्टी के मैदान में उतरने से खूब माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। बीजेपी के एक पदाधिकारी ने कहा, 'लोग समझेंगे कि आम आदमी पार्टी ने जातिगत समीकरणों को संतुलित करने के लिए काफी कोशिशें की हैं और युवा चेहरों पर जोर लगाया है। तथ्य यह है कि गुजरात में बीजेपी सबसे लंबे समय से सत्ताधारी पार्टी है। लोगों ने सालों से इसे देखा है और वोट दिए हैं। इसलिए यह जरूरी है कि यदि किसी तरह की एंटी-इंकंबेंसी है तो उसे कम किया जाए और पार्टी युवाओं को उतारे.....।'

    युवाओं को साबित करने का मौका- बीजेपी नेता

    युवाओं को साबित करने का मौका- बीजेपी नेता

    बीजेपी के एक और नेता का कहना है, 'यह एक ऐसी पार्टी है जहां एक सामान्य बैकग्राउंड वाला पार्टी कार्यकर्ता देश का प्रधानमंत्री बना और युवाओं को जो संदेश देना है वह बहुत ही साधारण है। अगर वह कड़ी मेहनत करेंगे तो उन्हें खुद को साबित करने का मौका दिया जाएगा।' चुनाव गुजरात में हो रहा है, इसलिए बहुत सारे टिकट देने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का प्रभाव रहना स्वाभाविक है। क्योंकि, दोनों गुजरात से हैं और वहां की जमीनी राजनीति के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हैं। एक सूत्र ने बताया कि 'करीब 30 सीटें ऐसी थीं, जहां पिछले चुनाव में बीजेपी बहुत ही कम अंतर से जीती थी और आने वाले चुनाव में वह काफी असर डाल सकती हैं। इस लिस्ट में प्रदेश नेतृत्व दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की मीटिंग के लिए जो लिस्ट लेकर आया था, उसमें दो सीटों पर सबसे ज्यादा जीतने की संभावना वाले उम्मीदवारों के नाम नहीं थे। केंद्रीय नेतृत्व ने तत्काल उनकी ओर इशारा किया और यह सुनिश्चित किया कि वे नाम शामिल हो जाएं।'

    उम्मीदवारों के जीतने की क्षमता का भी रखा है ध्यान

    उम्मीदवारों के जीतने की क्षमता का भी रखा है ध्यान

    पार्टी ने जातिगत समीकरणों और जीतने की संभावनाओं को देखते हुए हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर जैसे 17 दलबदलुओं को भी टिकट दिया है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'हार्दिक पटेल को उनके गृहनगर विरामगाम से उतारा गया है, अल्पेश टाठोर को गांधीनगर से। हमने देखा है कि ये दोनों ऐक्टिव थे और ठाकोर बड़ी अंतर से जीते थे। अगर वे हमारी पार्टी में हैं और हमारे लिए जीतने की स्थिति में हैं, तो फिर उन्हें बाहर क्यों रखा जाता?'

    शहरी सीटों पर भी बीजेपी का है फोकस

    शहरी सीटों पर भी बीजेपी का है फोकस

    इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूदगी और लोगों के बीच लोकप्रियता भी भाजपा ने टिकट देते समय देखा है। पार्टी के लिए शहरी सीट बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। पार्टी के एक सूत्र के मुताबिक 'गांधीनगर, वधावन और वेजालपुर के उम्मीदवारों को इसलिए बदला गया, क्योंकि वे बहुत ज्यादा अलोकप्रिय हो रहे थे। ' पार्टी ने कुछ ऐसे उम्मीदवारों पर भी दांव लगाया है, जिन्हें पिछली बार टिकट नहीं दिया गया था। गुजरात में इस बार भी दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को चुनाव कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 89 और दूसरे में 93 सीटों पर वोटिंग होगी। 182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 18 फरवरी, 2023 को समाप्त हो रहा है।

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