Governor Salary: देश के PM से भी ज्यादा होता है राज्यपाल का वेतन, जानिए कितनी होती है सैलरी?
Governor Salary: मंगलवार को देश के पांच राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्तियां की गईं, इन पांच राज्यों के नाम हैं केरल, बिहार, ओडिशा, मिजोरम और मणिपुर। एक साल से ज्यादा वक्त मणिपुर हिंसा का शिकार है, उम्मीद की जा रही हैं कि नए गर्वनर की नियुक्ति से वहां के हालात बदलेंगे।
आपको बता दें कि पूर्व केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला अब मणिपुर के नए राज्यपाल हैं। तो वहीं बिहार गर्वनर की कुर्सी आरिफ मोहम्मद खान को सौंपी गई है जो कि अभी तक केरल के राज्यपाल थे।

तो वहीं ओडिशा के नए राज्यपाल का नाम डॉ. हरि बाबू कंभमपति और राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन राज्यों में ये नियुक्तियां की गई है, उसमें केरल, बिहार, ओडिशा, मिजोरम और मणिपुर शामिल हैं।
अजय भल्ला को मणिपुर का राज्यपाल बनाया गया
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव रहे अजय भल्ला को मणिपुर का राज्यपाल बनाया गया है। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को केरल के राज्यपाल का आसन सौंपा गया है, जबकि विजय कुमार सिंह मिजोरम के नए राज्यपाल बने है।
राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है? (Who appoints the Governor)
आपको बता दें कि राज्यपाल देश का बेहद ही महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है, जिसकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। हालांकि राज्यपाल की नियुक्ति में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश का अहम रोल साबित होता है।
आइए जानते हैं कि राज्यपाल बनने के लिए कौन सी योग्यता होनी चाहिए?
- व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए।
- राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम उम्र 35 वर्ष होनी चाहिए।
- राज्यपाल बनने के बाद उसे किसी भी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए।
- राज्यापल को होमस्टेट नहीं मिलता है।
राज्यपाल की मासिक वेतन ( Monthly Salary of Governor)
- राज्यपाल का मासिक वेतन भारत सरकार द्वारा तय किए जाते हैं।
- राज्यपाल को वेतन के अलावा भत्ते भी मिलते हैं।
- मौजूदा दौर में भारत के राज्यपाल का मासिक वेतन 3,50,000 रुपये है। जो कि देश के पीएम की सैलरी से भी ज्यादा है।
- आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी को प्रति माह केवल 1.66 लाख रुपये वेतन के रूप में मिलते हैं।
- राज्यपाल का मासिक वेतन 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।
- भत्ते के रूप में गर्वनर को सरकारी आवास जिसे कि राजभवन दिया जाता है।
- जिसमें खाने से लेकर सोने तक की सारी सुविधाएं स्टॉफ के साथ मिलती हैं।
- इसके अलावा राज्यपाल को आधिकारिक यात्रा के लिए वाहन, दूरभाष और मेडिकल सुविधाएं, सेक्योरिटी मिलती है।
- राज्यपाल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पेंशन मिलती है।
- वैसे तो राज्यपाल का कार्यकाल 5 साल का होता है।
- लेकिन पांच साल से पहले भी राष्ट्रपति राज्यपाल को उनके पद से हटा सकते हैं।
राज्यपाल के पास क्या होती हैं शक्तियां? (Governor Powers)
- राज्यपाल का मुख्य कार्य राज्य में संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखना है।
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति और मंत्रिपरिषद का गठन।
- विधेयकों को मंजूरी देना या राष्ट्रपति के पास भेजना।
- राज्य में संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करना।
- एक व्यक्ति एक ही समय मे एक से अधिक राज्यों के राज्यपालों की भूमिका भी निभा सकते हैं।












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