कोरोना वायरस को लेकर रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटे गए देश के सभी जिले, देखिए पूरी लिस्ट
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा सचिव प्रीति सूदन ने शुक्रवार को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। जिसमें एक महत्वपूर्ण सूचना दी गई है। इसमें इन राज्यों के अंतर्गत आने वाले उन जिलों के बारे में बताया गया है, जिनका वर्गीकरण रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के तहत हुआ है। केंद्र द्वारा जारी नए आदेश के तहत सभी 6 महानगरों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद को रेड जोन में रखा गया है।
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सरकार ने अपनी रणनीति में बदलाव किया
बता दें देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसकी वजह से सरकार ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। हर जिले और राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ये एडवाइजरी जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीन मई के बाद जिलों को अलग-अलग जोन के हिसाब से बांटने का काम किया है। केंद्रीय गृह सचिव प्रीति सूदन ने सभी राज्यों से अनुरोध किया है कि वे चिन्हित किए गए रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का परिसीमन कर उन्हें सूचित करें।
कितने जिले हैं रेड जोन में?
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसी जिले को तब ग्रीन जोन माना जाएगा, जब वहां पिछले 21 दिनों में कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नहीं आएगा। सूची में तीन मई के बाद 130 जिलों को रेड जोन, 284 को ऑरेंज और 319 जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है।
ये क्षेत्र विभिन्न इकाइयों के रूप में माने जा सकते हैं
सूदन ने ये भी कहा है कि एक या अधिक नगर निगमों वाले, निगमों और जिले के अन्य क्षेत्रों को अलग-अलग इकाइयों के रूप में माना जा सकता है। यदि वे रेड या ऑरेंज जोन में आते हैं, यहां इनमें से एक या अधिक में पिछले 21 दिनों में कोई नया मामला दर्ज नहीं जाता तो उन्हें आंचलिक वर्गीकरण में एक स्तर कम माना जा सकता है।
कंटेनमेंट जोन और बफर जोन को लेकर क्या है?
उन्होंने कहा कि बफर जोन में स्वास्थ्य सुविधाओं में आईएलआई/ एसएआरआई मामलों की निगरानी के माध्यम से मामलों की व्यापक निगरानी की जानी चाहिए। साथ ही राज्यों से अनुरोध किया है कि वे चिन्हित रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का परिसीमन करके उन्हें सूचित करें।
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