सरकार करने जा रही है कालाधन खाताधारकों के नाम उजागर !
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में कालाधन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। लेकिन हाल ही में अरुण जेटली के ब्लैकमनी खाताधारकों के नाम नहीं बताने को लेकर दिए बयान विपक्षी दलों ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। इनसब के बीच प्रधानमंत्री ने विपक्षियों को करारा जवाब देने का मन बनाया है। सूत्रों की माने तो मंत्रीपरिषद की बैठक में पीएम ने मंत्रियों से कुछ लोगों के नाम जिनका विदेशों में कथित तौर पर काला धन जमा है सुप्रीम कोर्ट को बतायेगी।

सुप्रीम कोर्ट में उन लोगों के नाम बताये जायेंगे जिनके खिलाफ जांच की प्रक्रिया चल रही है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक प्रधानमंत्री ने दीवाली से पहले अपने मंत्रियों को डिनर पर बुलाया था जिसमें उन्होंने कालाधन के कुछ खाताधारकों के नाम उजागर करने की बात कही थी। इस मौके पर कई कैबिनेट स्तर के मंत्री समेत शिवसेना के एकमात्र मंत्री अनंत गीते भी मौजूद थे।
चुनावी माहौल में काला धन को लेकर जमकर सरकार पर हमला करने वाली भाजपा के लिए काला धन खाताधारकों के नाम उजागर करने का भारी दबाव है। जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। गौरतलब है कि सरकार ने पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि संबंधित देशों से हुए समझौते के तहत ब्लैक मनी जमा करने वालों के नाम सार्वजनिक तौर पर उजागर नहीं किए जा सकते हैं लेकिन जांच एजेंसियों को नाम दिए जा सकते हैं। जिसके बाद सरकार पर राजनीतिक विरोधियों ने इसे सरकार का यू टर्न बताते हुए जमकर हमला बोला था।
वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बयान में कहा था कि हमें नामों को सार्वजनिक करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत ही सार्वजनिक किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस सरकार द्वारा 1995 में डीटीएए (दोहरे कराधान से बचाव की संधि) का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सरकार द्वारा विदेशों से किेये गए इस समझौते के चलते नामों को उजागर करने में सरकार को दिक्कतें आ रही है। सूत्रों की माने तो जेनेवा के एचएसबीसी बैंक में 700 भारतीयों के खाते हैं।












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