रघुराम राजन की सलाह को जारी क्यों नहीं करती सरकार, चिदंबरम ने पूछा सवाल
चिदंबरम ने कहा कि सरकार दावा करती है कि काला धन का सफाया हो गया है लेकिन जब गुजरात चुनाव का अभियान शुरू होगा तब आपको सफाया हुआ काला धन मिल जाएगा।
नई दिल्ली। नोटबंदी की घोषणा के एक साल पूरे होने पर कांग्रेस ने केन्द्र की मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी की वजह से लोगों ने नौकरियां और जान दोनों गंवाई हैं। पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार को और आरबीआई को रिजर्व बैंक बोर्ड का एजेंडा जारी करना चाहिए। पहले की टिप्पणी और पूर्व गर्वनर रघुराम राजन की टिप्पणी के बारे में देश को बताना चाहिए। अगर सरकार को अपने फैसले पर भरोसा है, तो वह इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से क्यों डर रही है।

चिदंबरम ने कहा कि सरकार दावा करती है कि काला धन का सफाया हो गया है लेकिन जब गुजरात चुनाव का अभियान शुरू होगा तब आपको सफाया हुआ काला धन मिल जाएगा। उन्होंने अपने कई ट्वीट में कहा, 'क्या कोई इससे इनकार कर सकता है कि लोगों की जान गयी, छोटे व्यापार बंद हो गये और रोजगार छिन गया?' चिदंबरम ने दावा किया कि जनता के पास 15 लाख करोड़ रुपये नकद है, यह मात्रा बढ़ रही है और नवंबर 2016 में 17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहा कि कितनी नकदी (रुपये की आपूर्ति) होनी चाहिए, यह फैसला रिजर्व बैंक का होना चाहिए, ना कि सरकार का। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कम मांग और कम वृद्धि के कारणों में से एक चलन में नकदी की कृत्रिम कमी भी है।
ठीक एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोद ने काला धन, भ्रष्टाचार, जाली नोट और आतंकवाद को वित्त पोषण के खिलाफ लड़ाई की दिशा में एक कदम उठाते हुए 1,000 रुपए और 500 रुपए के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। विपक्ष बुधवार को नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर 'काला दिवस' मना रहा है।












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