नए अवतार में आ रहा है सरकार का डिजिटल पेमेंट सिस्टम, UPI और USSD को बेहतर बनाने की कोशिश

सरकार देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था में तब्दील करने की कोशिश में अब यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (UPI) और अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंटरी सर्विस डाटा (USSD) को जल्द ही नए कलेवर में लॉन्च करने की तैयारी में है।

नई दिल्ली। नोटबंदी का फैसला लागू होने के बाद सरकार देश की अर्थव्यवस्था को कैशलेश बनाने और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है। सरकार देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था में तब्दील करने की कोशिश में लगी है। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सरकार अब यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (UPI) और अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंटरी सर्विस डाटा (USSD) को जल्द ही नए कलेवर में लॉन्च करने की तैयारी में है। एक सप्ताह के अंदर UPI ऐप को और बेहतर विकल्पों के साथ लॉन्च किया जाएगा। इसे ज्यादा यूजर फ्रेंडली बनाने की कोशिश की गई है। इस ऐप में कई फीचर दिए गए हैं जिनकी मदद से यूजर किसी भी बैंक से ट्रांजेक्शन के लिए इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

UPI और USSD को बेहतर बनाने की कोशिश

बढ़ रही है UPI के यूजर्स की संख्या
सरकार USSD का भी अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च करने जा रही है। इस सुविधा के लॉन्च होने से फीचर मोबाइल से बैंकिंग काफी आसान हो जाएगी। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद से UPI ऐप के जरिए ट्रांजेक्शन दोगुना होकर 70000 तक पहुंच गया है। इसके करीब 42 लाख रजिस्टर्ड यूजर हैं। एनपीसीआई के एमडी एपी होता ने कहा, 'UPI को जो रिस्पॉन्स मिला है वो ठीक है लेकिन हम इससे खुश नहीं हैं। हमें भरोसा है कि आने वाले दिनों में इससे भी बेहतर स्थिति बनेगी।' अगस्त में लॉन्च किए गए UPI ऐप में एक साथ कई बैंकों के लॉगइन किए जा सकते हैं। जबकि हर बैंक अपना मोबाइल ऐप भी है। हालांकि अब तक इसे इस्तेमाल करने में थोड़ी कठिनाइयां रही हैं, जिन्हें ताजा अपग्रेडेड वर्जन में दूर किया जा रहा है।

बैंकों के लिए कॉमन ऐप
एपी होता ने कहा, 'UPI में देश के 33 बैंकों ने अपने लॉगइन बनाए हैं। एक बार ऐप अपग्रेड हो जाए तो हमें उम्मीद है कि बैंक अपने पर्सनल ऐप में लगातार अपडेट और खर्च करने के बजाय सिर्फ UPI का इस्तेमाल करने को बढ़ावा देंगे। यह कॉमन ऐप होगा जिससे अलग-अलग बैंकों के ऐप रखने की जरूरत खत्म हो जाएगी।' ऐप में पैसे भेजने और रिसीव करने का विकल्प होगा। अकाउंट लिकिंग, यूजर प्रोफाइल, लैंग्वेज, बेनेफिशियरी डीटेल रिकॉर्ड करना, बैलेंस इंक्वायरी समेत कई विकल्प मौजूद होंगे। बैंक या तो ग्राहकों को कॉमन ऐप इस्तेमाल के लिए कहेंगे या फिर अपने खुद के ऐप को ही बढ़ावा देंगे, जिसमें ज्यादा फीचर होंगे। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंकिंग के लिए कॉमन ऐप काफी कारगर साबित हो सकता है लेकिन इसे लोकप्रिय बनाने की जरूरत होगी।

फीचर फोन से बैंकिंग होगी और आसान
इसी तरह, USSD प्लेटफॉर्म को भी बेहतर बनाने की कोशिश भी जारी है। NPCI इसे यूपीआई से जोड़ने की कोशिश में है। फिलहाल करीब 51 बैंक USSD सपोर्ट करते हैं। मोबाइल ट्रांजेक्शन पर गौर करें तो नोटबंदी के पहले जो आंकड़ा 1.5 लाख था वह 8 नवंबर के बाद 6.5 लाख प्रतिदिन हो गया है। होता ने बताया कि USSD पर रोजाना कम से कम 5000 ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, जिसमें मनी ट्रांसफर भी शामिल है। USSD फिलहाल हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। फीचर फोन के जरिए बैंकिंग को और आसान बनाने के लिए USSD में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। अब तक इसमें सिर्फ पैसे भेजने की सुविधा थी लेकिन अब इसमें किसी व्यक्ति या एजेंसी से पैसे लेने की सुविधा को भी जोड़ा जा रहा है।

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