संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार ने 10 दिसंबर को बुलाई सर्वदलीय बैठक
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। ये बैठक 10 दिसंबर को सुबह 11 बजे बुलाई गई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बैठक के जरिए सरकार की कोशिश यही है कि शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में कामकाज सुचारू से चले इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनाई जा सके। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत 11 दिसंबर से होगी।

11 दिसंबर से शुरू हो रहा संसद का शीतकालीन सत्र 8 जनवरी तक चलेगा। इस सत्र में 20 दिनों का संसदीय कामकाज होगा। मोदी सरकार की कोशिश यही है कि इस सत्र में लंबित पड़े सभी प्रमुख विधेयकों को पास कराया जा सके। इसमें तीन तलाक संबंधी विधेयक राज्यसभा में लंबित है। माना जा रहा कि सरकार इस विधेयक को पास कराने का पूरा प्रयास करेगी। दूसरी ओर विपक्षी दल भी सरकार को इस सत्र में घेरने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। खास तौर से राफेल डील का मुद्दा हो या फिर किसानों का मुद्दा हो, कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने इस सत्र को लेकर अपनी अलग रणनीति तैयार कर रखी होगी।
संसद के शीतकालीन सत्र से पहले उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने भी 10 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। ऊपरी सदन में कामकाज सुचारू ढंग से चल सके इस पर आम सहमति बनाने के लिए उन्होंने ये बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा के सभापति ने अपने आवास पर ऊपरी सदन के नेताओं को 10 दिसंबर को बैठक के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि इस बैठक का मकसद सदन के सुचारू कामकाज के संचालन के लिये सहमति बनाना है। बैठक में राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली, विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता हिस्सा ले सकते हैं।












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