गांधी-नेहरु का पत्ता कटा, आवास मिशन सरदार पटेल के नाम
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। अब लगता है कि सरकारी परियोजनाओं से गांधी-नेहरु परिवार का पत्ता साफ होना शुरू हो गया है। सरकार ने घोषणा की कि शहरी आवास मिशन जल्दी ही शुरू किया जाएगा और यह सरदार पटेल के नाम पर होगा।

तो इस नई सरकारी योजना का नाम सरदार पटेल के नाम पर ऱखने से साफ है कि देश में गांधी-नेहरु दौर की बयार थम चुकी है। अब कम से कम कुछ सालों तक गांधी-नेहरु के नाम पर कोई योजना शुरू नहीं होगी कम से कम केन्द्र सरकार की।
इसके अंतर्गत 2022 तक सभी को मकान देना सुनिश्चित कर दिया जाएगा। शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के हर परिवार को घर के आह्वान पर किया जा रहा है और वर्ष 2022 तक तीन करोड़ मकान बनाए जाएंगे।
इनमें से अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, कम आय समूहों के लिए होंगे और इनका निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड के अंतर्गत किया जाएगा। ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी और इसके लिए आवास क्षेत्र को संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन कार्यों के लिए रुपए 50 लाख करोड़ की जरूरत पड़ेगी। इसमें से आवास के लिए 22.5 लाख करोड़, मूल सुविधा विकास के लिए साढ़े 16 लाख करोड़, शहरी सफाई के लिए 62 हजार करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी। स्मार्ट सिटी बनाने के लिए भी रकम का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकारी शहरी विकास और आवास मिशन का उद्देश्य होगा समावेशी विकास ताकि वह सभी वर्गों के शहरी झुग्गीवासियों की जरूरतें पूरी कर सके। आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्री, श्री एम. वेंकैया नायडू ने ‘विश्व पर्यावास दिवस- शहरी झुग्गियों की पुकार' नाम के कार्यक्रम में अपने संबोधन में यह बताया। इस कार्यक्रम का आयोजन आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय ने किया था।












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